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मंगलवार, 31 जुलाई 2018

भाग 37

36. सुमन - शिव मंगल सिंह
37. हलाबादी कवि- हरिवंश राय बच्चन
38. आवारा मसीहा - शरत चन्द
39. मुनि मार्ग के हिमायती - रामचंद्र शुक्ल
40. बुंदेलखंड के चंदबरदाई - वृन्दावन लाल वर्मा
41. महज डीप्ति राष्ट्र कवि - दिनकर

शनिवार, 28 जुलाई 2018

भाग 36

21. रत्नाकर -    जगन्नाथ दास
22. सितारे हिन्द -    राजा शिव प्रसाद सिंह
23. हिंदी नवजागरण का अग्रदूत- भारतेंदु हरिश्चंद्र
24. प्रेमघन - बद्री नारायण चौधरी
25. भुंजग भूषन भट्टाचार्य - महावीर प्रसाद व्दिवेदी
26. कविता कामिनी कान्त - नाथूराम शर्मा
27. कवि सम्राट - अयोध्या सिंह उपाध्याय
28.  सनेही -   गया प्रसाद शुक्ल
29. कविरत्न --- सत्यनारायण
30. कलाधर ---- जयशंकर प्रसाद
31. महाप्राण -- निराला
32. प्रकृति का सुकुमार कवि--सुमित्रा नंदन पंत
33. एक भारतीय आत्मा --- माखन लाल चतुर्वेदी
34. वियोगी --- मोहन लाल महतो
35. द्विज ---जनार्दन प्रसाद झा

सोमवार, 23 जुलाई 2018

भाग 35

प्रमुख कवि तथा उनके उपनाम
11.रहीम     -   अब्दुर्रहीम खान खाना
12.महापात्र -    नरहरी बंदीजन
13.बीरबल  -    महेश दास
14.आदि कवि-  वाल्मीकि
15.पुराने पंथ के पथिक- मतिराम
16.प्रेम की पीर का कवि- घनानन्द
17.दास -        भिखारी दास
18.रसलीन-    सैय्यद गुलाम नवी
19.नागरीदास- महाराज सावंत सिंह
20.नियाज- सदासुख लाल 

शनिवार, 21 जुलाई 2018

भाग 34

प्रमुख कवियों के नाम तथा उनके उपनाम 

1. पुष्पदंत -                       अपभ्रंश का वेदव्यास
2. अपभ्रंश का बाल्मीक -    स्वंभू
3.प्राकृत का  पाणिनि  -       हेमंचंद्र
4. मैथिल कोकिल  -            विद्यापति
5. जायसी  -                        मालिक मुहम्मद
6. अष्टछाप का जहाज -       सूरदास
7. जडिया कवि -                 नन्द दास
8. रसखान -                       सैयद इब्राहीम
9. कवि सिरोमणि -              तुलसी दास
10. सुकविन के सरदार -      तुलसी और गंग 

भाग 33

◆पंचतंत्र ~ विष्णु शर्मा
●प्रेमवाटिका ~ रसखान
●मृच्छकटिकम् ~ शूद्रक
●कामसूत्र् ~ वात्स्यायन
●दायभाग ~ जीमूतवाहन
●नेचुरल हिस्द्री ~ प्लिनी
●दशकुमारचरितम् ~ दण्डी
●अवंती सुन्दरी ~ दण्डी

●बुध्दचरितम् ~ अश्वघोष
●कादम्बरी् ~ बाणभटृ
●अमरकोष ~ अमर सिहं
●शाहनामा ~ फिरदौसी
●साहित्यलहरी ~ सुरदास
●सूरसागर ~ सुरदास
●हुमायूँनामा ~ गुलबदन बेगम

●नीति शतक ~ भर्तृहरि
●श्रृंगारशतक ~ भर्तृहरि
●वैरण्यशतक ~ भर्तृहरि
●हिन्दुइज्म ~ नीरद चन्द्र चौधरी
●पैसेज टू इंगलैंड ~ नीरद चन्द्र चौधरी
●अॉटोबायोग्राफी अॉफ ऐन अननोन इण्डियन ~ नीरद चन्द्र चौधरी

●कल्चर इन द वैनिटी वैग ~ नीरद चन्द्र चौधरी
●मुद्राराक्षस ~ विशाखदत्त
●अष्टाध्यायी ~ पाणिनी
●भगवत् गीता ~ वेदव्यास
●महाभारत ~ वेदव्यास
●मिताक्षरा ~ विज्ञानेश्वर

●राजतरंगिणी ~ कल्हण
●अर्थशास्त्र ~ चाणक्य
●कुमारसंभवम् ~ कालिदास
●रघुवंशम् ~ कालिदास
●अभिज्ञान शाकुन्तलम् ~ कालिदास

●गीतगोविन्द ~ जयदेव
●मालतीमाधव ~ भवभूति
●उत्तररामचरित ~ भवभूति
●पद्मावत् ~ मलिक मो. जायसी
●आईने अकबरी ~अबुल फजल
●अकबरनामा ~अबुल फजल
●बीजक ~ कबीरदास

●रमैनी ~ कबीरदास
●सबद ~ कबीरदास
●किताबुल हिन्द ~ अलबरूनी
●कुली ~ मुल्कराज आनन्द
●कानफैंशंस अॉफ ए लव ~मुल्कराज आनन्द

●द डेथ अॉफ ए हीरो~मुल्कराज आनन्द
●जजमेंट ~ कुलदीप नैयर
●डिस्टेंन्ट नेवर्स~ कुलदीप नैयर
●इण्डिया द क्रिटिकल इयर्स~ कुलदीप नैयर
●इन जेल ~ कुलदीप नैयर

●इण्डिया आफ्टर नेहरू ~कुलदीप नैयर
●बिटवीन द लाइन्स ~कुलदीप नैयर
●चित्रांगदा ~रविन्द्र नाथ टैगौर
●गीतांजली~रविन्द्र नाथ टैगौर
●विसर्जन ~रविन्द्र नाथ टैगौर

●गार्डनर ~रविन्द्र नाथ टैगौर
●हंग्री स्टोन्स ~रविन्द्र नाथ टैगौर
●गोरा ~ रविन्द्र नाथ टैगौर
●चाण्डालिका~ रविन्द्र नाथ टैगौर
●भारत-भारती ~ मैथलीशरण गुप्त

●डेथ अॉफ ए सिटी~ अमृता प्रीतम
●कागज ते कैनवास~ अमृता प्रीतम
●फोर्टी नाइन डेज~ अमृता प्रीतम
●इन्दिरा गाँधी रिटर्नस ~खुशवंत सिहं
●दिल्ली ~खुशवंत सिहं

●द कम्पनी अॉफ वीमैन ~ खुशवंत सिहं
●सखाराम बाइण्डर ~ विजय तेंदुलकर
●इंडियन फिलॉस्पी ~डॉ. एस. राधाकृष्णन
●इंटरनल इंडिया ~इंदिरा गाँधी

●कामयानी ~जयशंकर प्रसाद
●आँसू ~ जयशंकर प्रसाद
●लहर ~ जयशंकर प्रसाद
●लाइफ डिवाइन ~अरविन्द घोष

●ऐशेज अॉन गीता ~अरविन्द घोष
●अनामिका ~सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
●परिमल ~सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
●यामा ~ महादेवी वर्मा

●ए वाइस अॉफ फ्रिडम ~नयन तारा सहगल
●एरिया अॉफ डार्कनेस ~वी. एस. नायपॉल
●अग्निवीणा ~ काजी नजरुल इस्लाम
●डिवाइन लाइफ ~ शिवानंद
●गोदान ~ प्रेमचन्द्र

●गबन ~ प्रेमचन्द्र
●कर्मभूमि ~ प्रेमचन्द्र
●रंगभूमि ~ प्रेमचन्द्र
●अनटोल्ड स्टोरी ~बी. एम. कौल

●कन्फ्रन्डेशन विद पाकिस्तान ~बी. एम. कौल
●कितनी नावों में कितनी बार ~अज्ञेय
●गोल्डेन थेर्सहोल्ड ~सरोजिनी नायडू
●ब्रोकेन विंग्स ~सरोजिनी नायडू
●दादा कामरेड ~ यशपाल

●पल्लव ~ सुमित्रानन्दन पंत्त
●चिदम्बरा~ सुमित्रानन्दन पंत्त
●कुरूक्षेत्र ~रामधारी सिहं 'दिनकर'

●उर्वशी ~रामधारी सिहं 'दिनकर'
●द डार्क रूम ~आर. के. नारायण
●मालगुड़ी डेज ~आर. के. नारायण
●गाइड ~आर. के. नारायण

●माइ डेज ~आर. के. नारायण
●नेचर क्योर ~ मोरारजी देसाई
●चन्द्रकान्ता ~देवकीनन्दन खत्री
●देवदास ~शरतचन्द्र चटोपाध्याय
●चरित्रहीन ~शरतचन्द्र चटोपाध्याय..

गुरुवार, 19 जुलाई 2018

भाग 32

पंक्ति एवं कथन--
👉 बुद्ध के बाद तुलसी भारत के सबसे बड़े समन्वयकारी हैं-- जॉर्ज ग्रियर्सन
👉 भारतवर्ष का लोकनायक वही हो सकता है जो समन्वय करने का अपार धैर्य लेकर आया हो-- हजारी प्रसाद द्विवेदी
👉 डॉ.बच्चन सिंह ने पृथ्वीराज रासो को 'राजनीति की महाकाव्यात्मक त्रासदी' कहा है।
👉 विद्यापति की रचना 'कीर्तिलता' में जौनपुर नगर का वर्णन किया गया है।
👉 हजारी प्रसाद द्विवेदी ने पृथ्वीराज रासो को 'शुक शुकी संवाद' के रूप में रचा हुआ माना है।
👉 विद्यापति ने कीर्तिलता को 'भृंग भृंगी संवाद' के रूप में लिखा है।
👉 हजारी प्रसाद द्विवेदी ने आदिकाल को 'अत्यधिक विरोधी और व्याघातों का काल' कहा है।
👉 डॉ.भोलाशंकर व्यास ने पुष्पदंत की तुलना संस्कृत के कवि माघ से की है।
👉 जैनाचार्य हेमचन्द्र को 'प्राकृत का पाणिनि' कहा जाता है।
👉 नाभादास ने तुलसीदास को 'कलिकाल का वाल्मीकि' कहा है जबकि अंग्रेज विद्वान स्मिथ महोदय ने उन्हें 'मुग़ल काल का सबसे महान व्यक्ति' कहा है।
👉 पद्मावत में नागमती का वियोग खण्ड हिंदी साहित्य की अमूल्य निधि है।
👉 भक्ति आंदोलन को हजारी प्रसाद द्विवेदी ने 'लोक जागरण' कहा है।
👉 तुलसीदास को हिंदी का जातीय कवि कहा जाता है।
👉 घनानंद को साक्षात् रसमूर्ति कहा जाता है।
👉 तुलसी का काव्य समन्वय की विराट् चेष्टा है- हजारी प्रसाद द्विवेदी
👉 दशरथ सुत तिहुँ लोक बखाना, राम नाम का मरम है आना-- कबीरदास
👉 संसकिरत है कूप जल भाषा बहता नीर-कबीरदास
👉 राम नांव ततसार है- कबीरदास

मंगलवार, 17 जुलाई 2018

भाग 31

🌹... *आदिकाल का नामकरण*.....🌹

विभिन्न इतिहासकारों द्वारा आदिकाल का नामकरण निम्नानुसार किया गया-

*इतिहासकार का नाम   - नामकरण*

👉हजारी प्रसाद द्विवेदी -आदिकाल
👉रामचंद्र शुक्ल -वीरगाथा काल
👉महावीर प्रसाद दिवेदी -बीजवपन काल
👉रामकुमार वर्मा- संधि काल और चारण काल
👉राहुल संकृत्यायन- सिद्ध-सामन्त काल
👉मिश्रबंधु- आरंभिक काल
गणपति चंद्र गुप्त -प्रारंभिक काल/ शुन्य काल
👉विश्वनाथ प्रसाद मिश्र- वीर काल
👉धीरेंद्र वर्मा -अपभ्रंस काल
👉चंद्रधर शर्मा गुलेरी -अपभ्रंस काल
👉ग्रियर्सन- चारण काल
👉पृथ्वीनाथ कमल 'कुलश्रेष्ठ'- अंधकार काल
👉रामशंकर शुक्ल- जयकाव्य काल
👉रामखिलावन पाण्डेय- संक्रमण काल
👉हरिश्चंद्र वर्मा- संक्रमण काल
👉मोहन अवस्थी- आधार काल
👉शम्भुनाथ सिंह- प्राचिन काल
👉वासुदेव सिंह- उद्भव काल
👉रामप्रसाद मिश्र- संक्रांति काल
👉शैलेष जैदी - आविर्भाव काल
👉हरीश- उत्तर अपभ्रस काल
👉बच्चन सिंह- अपभ्रंस काल: जातिय साहित्य का उदय
👉श्यामसुंदर दास- वीरकाल/अपभ्रंस का

सोमवार, 16 जुलाई 2018

भाग 30

हिन्दी मे सर्वप्रथम
1. अपभ्रंश के प्रथम महा कवि- स्वयंभू
2.अपभ्रंश का प्रथम कड़वक बद्ध- पउम चरित्र -स्वयं भू (7 चौपाई के बाद एक दोहा क्रम रचना)
3.अपभ्रंश के प्रथम ऐतिहासिक वैयाकरण -हेमचंद्र
4.हिंदी के प्रथम कवि -सरहपा 9 वी सदी
5.हिंदी में दोहा चौपाई का सर्वप्रथम प्रयोग- सरहपा
6.हिंदी की प्रथम रचना- श्रावकाचार देवसेन कृत
7. हिंदी साहित्य की प्रथम रचना -पृथ्वीराज रासो चंद्र बरदाई
8. हिंदी साहित्य का प्रथम महाकाव्य- पृथ्वीराज रासो
9. हिंदी काव्य में प्रथम बारहमासा वर्णन - बीसलदेव रासो
10. किसी भारतीय भाषा में रचित इस्लाम धर्मावलंबी कवि की प्रथम रचना- संदेश रासक (अब्दुल रहमान)
11. अवहट्ठ का सर्वप्रथम प्रयोग- विद्यापति ने कीर्ति लता में
12. हिंदी के सर्वप्रथम गीतकार -विद्यापति
13. हिंदी में सर्वप्रथम मुकरियों की शुरुआत -अमीर खुसरो
14. भक्ति के प्रवर्तक -रामानुजाचार्य
15. हिंदी के प्रथम सूफी कवि -असायत
16. सूफी प्रेमाख्यान का प्रथम काव्य- हंसावली असायत
17. हिंदी का प्रथम बड़ा महाकाव्य - हंसावली( असायत )
18.हिंदी का प्रथम वक्रोति कथात्मक महाकाव्य- पद्मावत
19. हिंदी की आदि कवियत्री -मीराबाई
20. कृष्ण भक्ति काव्य का सबसे प्रसिद्ध काव्य- सूरसागर (सूरदास)
21. राम भक्ति का सबसे प्रसिद्ध काव्य- रामचरितमानस (तुलसीदास )
22.भक्तिकाल को काव्य का स्वर्ण युग घोषित करने वाला प्रथम व्यक्ति -जॉर्ज ग्रियर्सन
23. सर्वप्रथम सतसई परंपरा का आरंभ - तुलसी सतसई
( अधिकांश कृपाराम की हित तरंगिणी को मानते हैं)
24. रीति काव्य का सर्वप्रथम ग्रंथ -हित तरंगिणी -कृपाराम
25. खड़ी बोली में लिखित सर्वप्रथम काव्य ग्रंथ -श्रीधर पाठक द्वारा अनुवादित( हरमिट)-एकांतवासी योगी
26. खड़ी बोली के प्रथम स्वच्छंदतावादी कवि- श्रीधर पाठक
27. खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य -प्रियप्रवास- हरिऔंध
28. गीतिकाव्य शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग -लोचन प्रसाद पांडेय ने कुसुमनमाला की भूमिका में
29. छायावाद की प्रथम कृति -झरना 1918 प्रसाद
30. शुक्लानुसार छायावाद का प्रथम प्रतिनिधि कवि- पंत
31. मुक्तछंद का प्रथम प्रयोगकर्ता -निराला -जूही की कली में
32.निराला की प्रथम कविता -जूही की कली -1916
33. प्रयोगवाद शब्द का प्रथम प्रयोग -नंददुलारे वाजपेई
34.नई कविता नाम दिया -अज्ञेय ने
35. अज्ञेय की प्रथम काव्य कृति -भग्न दूत 1933
36. प्रेमचंद का प्रथम उपन्यास- प्रेमा अर्थात दो सखियों का विवाह 1907 हम खुर्मा व हम सवाब का हिंदी रुपांतर
37. हिंदी का प्रथम उपन्यास -परीक्षा गुरु लाला श्रीनिवास दास कृत
38. प्रेमचंद का मूल रूप से हिंदी में लिखित प्रथम उपन्यास -कायाकल्प 1926
39 जैनेंद्र का प्रथम उपन्यास-परख 1929
40. इलाचंद्र जोशी का प्रथम उपन्यास -घृणामयी 1929
41. भगवती चरण वर्मा का प्रथम उपन्यास- चित्रलेखा 1934
42. अज्ञेय का प्रथम उपन्यास- शेखर एक जीवनी 1941
43. रेणु का प्रथम उपन्यास -मैला अंचल 1954
44.निर्मल वर्मा का प्रथम उपन्यास -वे दिन 1964
45. हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी -इंदुमती - किशोरीलाल
46.हिंदी की प्रथम कहानी लेखिका -बंग महिला( राजेंद्र बाला घोष)
कहानी -दुलाई वाली
47. प्रसाद की प्रथम कहानी -ग्राम 1911(इंदु पत्रिका में published)
48 प्रेमचंद की प्रथम कहानी- पंच परमेश्वर 1916
49.निर्मल वर्मा का प्रथम कहानी संग्रह - परिदें 1960
50. कमलेश्वर का प्रथम कहानी संग्रह -राजा निरबंसिया 1957
51. हिंदी का प्रथम मौलिक नाटक - (भारतेंदु ने माना) नहुष -गोपाल चंद्र
√√आनंद रघुनन्दन -प्राणचंद चौहान
52. हिंदी का प्रथम अभिनीत नाटक -जानकी मंगल (शीतला प्रसाद खत्री)
53. प्रसाद का प्रथम ऐतिहासिक नाटक -राज्यश्री 1915
54. हिंदी का प्रथम एकांकी -एक घूंट (प्रसाद)
55. आचार्य रामचंद्र शुक्ल की पहली सैद्धांतिक आलोचना कृति -काव्य में रहस्यवाद
56. रस विवेचन को पहली बार मनोवैज्ञानिक आधार प्रदान किया -रामचंद्र शुक्ल ने
57. हिंदी में साधारणीकरण के संबंध में पहला चिंतन- रामचंद्र शुक्ल
58.साधारणीकरण का प्रथम प्रयोगकर्ता -भट्टनायक
59. हिंदी में प्रथम आत्मकथा -अर्द्धकथानक 1641 -बनारसीदास जैन
60. हिंदी में प्रथम जीवनी -भक्तमाल -1585 नाभादास
(प्रथम मौलिक जीवनी लेखक -कार्तिक प्रसाद खत्री -
मीराबाई का जीवन चरित्र -1883
अहल्या बाई का जीवन चरित्र-1889)
61. हिंदी में प्रथम संस्मरण -हरिऔंध का संस्मरण (बालमुकुंद गुप्त)
62. हिंदी में प्रथम रेखाचित्र -पदम पराग (1929 )पदम सिंह शर्मा
63. हिंदी में प्रथम यात्रा वृतांत- लंदन यात्रा 1883 श्रीमती हर देवी
64. हिंदी में प्रथम रिपोर्ताज -लक्ष्मीपुरा -1938 शिवदान सिंह चौहान
65. हिंदी गद्य काव्य की प्रथम रचना- साधना (राय कृष्णदास)
69. हिंदी साहित्य इतिहास का प्रथम व्यवस्थित ग्रंथ- हिंदी साहित्य का इतिहास( रामचंद्र शुक्ल)
70. परंपरा की दृष्टि से रचित हिंदी साहित्य इतिहास का प्रथम ग्रंथ -हिंदी साहित्य की भूमिका (हजारी प्रसाद द्विवेदी)
71. साहित्य इतिहास का प्रथम मार्क्सवादी ग्रंथ कार- रामविलास शर्मा
72. खड़ी बोली पद्य का प्रथम प्रयोगकर्ता अमीर- खुसरो
73. खड़ी बोली की प्रथम गद्य रचना -चंद छंद बरनन की महिमा गंग कवि
74. खड़ी बोली में साहित्य स्वरूप का सर्वप्रथम प्रयोग किया- रामप्रसाद निरंजनी ने योग- भाषा वशिष्ठ में
75.किसी भारतीय द्वारा देशी भाषा में प्रकाशित प्रथम पत्र- संवाद कौमुदी 1821 सं.राजा राममोहन राय
76. प्रथम हिंदी पत्र -उदंत मार्तंड 30 मई 1826
77. सर्वप्रथम हिंदी दैनिक पत्र- समाचार सुधा वर्षण 1854
78. हिंदी की प्रथम लघु पत्रिका -नए पत्ते -लक्ष्मीकांत वर्मा
79. हिंदी में प्रकाशित प्रथम ग्रंथावली -भारतेंदु ग्रंथावली
80. हिंदी के लिए प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार- हिम तरंगिनी माखनलाल चतुर्वेदी 1955
81. ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम हिंदी साहित्यकार पंत - 1968 चिदम्बरा
82. ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम हिंदी महिला साहित्यकार -महादेवी वर्मा यामा -1982
83. प्रथम व्यास सम्मान -भारत के भाषा परिवार और हिंदी( डॉक्टर रामविलास शर्मा 1991)
84. प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन -नागपुर -1975
85. एम.ए .हिंदी का सर्वप्रथम शिक्षण प्रारंभ हुआ- काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 1921
86. काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रथम हिंदी विभागाध्यक्ष -श्यामसुंदर दास
87. साहित्य अकादमी का प्रथम अध्यक्ष- पंडित जवाहरलाल नेहरु
88. हिंदी साहित्य परिषद का प्रथम अध्यक्ष -पुरुषोत्तम दास टंडन
89. संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देने वाला प्रथम व्यक्ति- अटल बिहारी वाजपेई 1977
90. हिंदी भाषा का प्रथम वैज्ञानिक इतिहास -हिंदी भाषा का इतिहास 1933- धीरेंद्र वर्मा
91-हिन्दी का पहला स्वतन्त्र मौलिक निबंध -राजा भोज का सपना
(राजा शिवप्रसाद सितारे हिन्द)
92- प्राचीनतम गद्य - पद्य(चम्पू )काव्य -राउरवेळ -रोड़ा कवि
93.ब्रजभाषा गद्य की प्रथम रचना -शृंगार रस मंडन -गोंसाई विट्ठलनाथ
94.आधुनिक खड़ी बोली हिंदी गद्य का जनक -भारतेन्दु
95--हिन्दी की पहली वैज्ञानिक कहानी -चन्द्र लोक की यात्रा
96-फ्लेश बैक पद्धति आधारित प्रथम कहानी -उसने कहा था
97.नवगीत परम्परा के सूत्रधार-अज्ञेय
आधार प्रवर्तक -राजेंद्र प्रसाद सिंह
98 .हिन्दी आलोचना के प्रवर्तक - भारतेंदु
99.हिन्दी के प्रथम लक्षण ग्रंथकार -केशवदास
100.हिन्दी में रामभक्ति साहित्य सम्बन्धी प्रथम काव्य रचना -रामरक्षा स्त्रोत (रामानंद)

शनिवार, 14 जुलाई 2018

भाग 29

प्राचीन ग्रन्थ और उनके लेखक
वृहत्‍कथामंजरी - - - -- - - -- - -- क्षेमेन्‍द्र
वृहत्‍संहिता - - - -- - -- -- -- वराहमिहिर
वेदार्थ दीपिका - -- - - -- -- ऊवट
शब्‍दानुशासन - -- - -- - -- -- - हेमचन्‍द्र
शाहनामा - - -- - -- -- फिरदौसी
संगीत राज - - -- - -- ----- - - राणा कुम्‍भा
सत्‍यार्थ प्रकाश - - -- - -- - - दयानन्‍द सरस्‍वती
समरांगण सूत्रधार - -- - -- -- - -- भोज परमार
सर्वानुक्रम भाष्‍य - - -- - --- ऊवट
सिद्धान्‍तशिरोमणि = == = - -- - - -- भास्‍कर-।। अकबरनामा --- अबुल फजल
अपरादित्‍य (याज्ञवल्‍क्‍य स्‍मृति पर टीका) ----अपरार्क
अभिज्ञानशाकुन्‍तलम् ----- कालिदास
अभिनयदर्पण -------- नन्दिकेश्‍वर
अमूक्‍तमाल्‍यदा ------- कृष्‍णदेव राय
अवंतिसुंदरीकथा --------- दण्‍डी
अष्‍टाध्‍यायी ---------- पाणिनि
कादम्‍बरी ------------ बाणभट्ट
कालनिर्णय (पराशर स्‍मृति पर टीका) ------------- माधव
काव्‍य मीमांसा ----------- राजशेखर
काव्‍यप्रकाश - ----------------- मम्‍मट
काव्‍यादर्श -------------------- दण्‍डी
किरातार्जुनीय ---------------- भारवि
कीर्तिकौमुदी -------------- सोमेश्‍वर
कुमारपालचरित - -------------- हेमचन्‍द्र
कुमारसम्‍भव- --------------- कालिदास
खजान उल फुतह ------------ अमीर खुसरो
गोरक्षसंहिता ------------ विद्यापति
गौडवाहो----------- वाक्‍पतिराज
चण्‍डीशतक ---------- बाणभट्ट
ताजुल मासीर ---------- हसन निजामी
तारीख'ए'हिन्‍द -------- अल्‍बरुनी
दशकुमारचरित ----------- दण्‍डी
दायभाग ------------ जीमूतवाहन
देवीचन्‍द्रगुप्‍तम् --------------- विशाखदत्‍त
द्वयाश्रय काव्‍य ----------- हेमचन्‍द्र
ध्‍वन्‍यालोक --------- आनंदवर्धन
नल दमन --------- फैजी
नवसाहसांक चरित -------- पद्मगुप्‍त
नवसाहसांकचरित -------- पद्मगुप्‍त परिमल
नागानन्‍द-0------- हर्षवर्धन
नाट्श्यशास्‍त्र ------ भरतमुनि
नासिर आलमगीरी =--------- साकी मुस्‍ताद खॉं
नील दर्पण ------------- दीनबन्‍धु मित्र
नूह सिपेहर --------- अमीर खुसरो
नैषधचरित ----------- श्रीहर्ष
पंचसिद्धान्तिका ------- वराहमिहिर
पृथ्‍वीराज विजय -------- जयानक भट्ट\
आलमगीरनामा ------ मोहम्‍मद काजिम गिराजी
इन्‍शा ए महरू ------------ ऐनुल्‍मुल्‍क मुल्‍तानी
उत्‍तररामचरित ----------- भवभूति
ऋतुसंहार- ---------- कालिदास
कथासरित्‍सागर ------- सोमदेव
कर्णकौतूहल ---------- भास्‍कर-।।
कर्पूर मंजरी --------------- राजशेखर
कविकण्‍ठाभरण -------------- क्षेमेन्‍द्र
प्रतिमानाटकम् --------- भास
प्रियदर्शिका --------- हर्षवर्धन
फिलासफी ऑफ बम-------------- भगवतीचरण वोहरा
फुतुह उस सलातीन ----------- इसामी
फुतुहाते आलमगीरी ---------- ईश्‍वरदास नागर
फुतुहाते फिरोजशाही ---------- -- फिरोजशाह तुगलक
बाल भारत (प्रचण्‍ड पाण्‍डव) ------------ राजशेखर
बाल रामायण ----------- राजशेखर
बुद्धचरित ---------- - - - अश्‍वघोष
ब्रम्‍हस्‍फुट सिद्धान्‍त - - - - - - ब्रम्‍हगुप्‍त
मत्‍तविलासप्रहसन - - - -- - -- - महेन्‍द्रवर्मा पल्‍लव
मन्‍त्र भाष्‍य - - - - - - -- ऊवट
महाभास्‍करीय - - - - -- - - - - भास्‍कर-।
महावीरचरित - - - - - -- - - भवभूति
मातृमोदक - - - - -- - - - - ऊवट
माध्‍यमिक कारिका - - - - - -- - नागार्जुन
मालतीमाधव - - - - - - -- - - भवभूति
मालविकाग्निमित्र - - - - - - - कालिदास
मिताक्षर - - - - - - - ज्ञानेश्‍वर
मुद्राराक्षस - - - - - - -- - विशाखदत्‍त
मुन्‍तखब उत तवारीख - - - - -- - - - -- बदांयूनी
मुन्‍तखबुल लुबाब - -- - - -- - - -- खफी खॉं
मृच्‍छकटिक - - - -- - - -- शूद्रक
मेघदूत - - - - -- - - - कालिदास
युक्तिकल्‍पतरु - - - - -- - - -- भोज परमार
रत्‍नावली - - - - - -- हर्षवर्धन
राजतरंगिणी - - - -- - -- - कल्‍हण
राम चरित सन्‍ध्‍याकर - - - -- - -- - - नन्‍दी
रेहला - -- - - - -- - -- इब्‍नबतूता
लघुभास्‍करीय - -- - - -- - -- भास्‍कर-।
लीलावती - - - -- - --- भास्‍कराचार्य
वज्रछेदिका - - - -- - - -- वसुबन्‍धु
व़हत्‍कथा मंजरी - - - -- - - - - -क्षेमेन्‍द्र
वासवदत्‍ता - - - - -- - - सुबन्‍धु
विक्रमांकदेवचरित - -- - - -- - - विल्‍हण
विद्वशाल भंजिका - - -- - - -- - राजशेखर
स्‍वप्‍नवासवदत्‍ता -- - - - -- - -- भास
हर्षचरित - - -- - -- - -- बाणभट्ट
हुमायूँनामा - - -- - -- - - -गुलबदन बेगम

भाग 28

प्रमुख पत्र-पत्रिकाएँ
(1) बंगाल गजट/कलकत्ता जनरल एडवर्टाइजर/हिक्की गजट :29 जनवरी, 1780, साप्ताहिक (अंग्रेजी में), संपादक : जेम्स आगस्टस हिक्की, भारत का प्रथम समाचारपत्र

(2) उदंत मार्तण्ड : 30 मई, 1826, साप्ताहिक, कलकत्ता से प्रकाशित, संपादक : पं० जुगलकिशोर शुक्ल, प्रथम हिंदी पत्र (चूँकि हिन्दी का पहला समाचार-पत्र 'उदंत मार्तण्ड' 30 मई 1826 को प्रकाशित हुआ था इसलिए 30 मई को 'हिन्दी पत्रकारिता दिवस' के रूप में मनाया जाता है।)

(3) बंगदूत : 1829, साप्ताहिक, कलकत्ता, संपादक : राजा राममोहन राय, एकसाथ चार भाषाओं- बांग्ला, हिन्दी, उर्दू व बनारसी में छपनेवाला पत्र।

(4) बनारस अख़बार : 1849, काशी से प्रकाशित, संपादक : राजा शिवप्रसाद 'सितारे-हिंद', हिन्दी प्रदेश से प्रकाशित पहला हिंदी समाचारपत्र

(5) समाचार-सुधावर्षण : 1854, कलकत्ता से प्रकाशित, संपादक : श्यामसुंदर सेन, प्रथम हिंदी दैनिक पत्र

(6) प्रजा हितैषी : 1855, आगरा से प्रकाशित, संपादक : राजा लक्ष्मणसिंह

(7) तत्त्वबोधिनी पत्रिका : 1865, मासिक, बरेली, संपादक : गुलाब शंकर

(8) वृत्तांत विलास : 1867, मासिक, जम्मू से प्रकाशित्र

(9) कविवचन सुधा : 15 अगस्त, 1867, मासिक पत्रिका, काशी, संपादक : भारतेंदु हरिश्चंद्र

(10) हरिश्चंद्र मैगजीन (हरिश्चंद्र पत्रिका) : 1873, बनारस, संपादक : भारतेंदु हरिश्चंद्र

(11) बालाबोधिनी :1874, मासिक पत्रिका, बनारस, संपादक : भारतेंदु हरिश्चंद्र, केवल महिलाओं के लिए

(12) सदादर्श : 1874, साप्ताहिक, दिल्ली, संपादक : लाला श्रीनिवास दास

(13) हिंदी प्रदीप : 1877, मासिक, इलाहाबाद, संपादक : बालकृष्ण भट्ट

(14) भारत मित्र : 1877, साप्ताहिक, संपादक :बालमुकुंद गुप्त

(15) ब्राह्मण : 1880, मासिक, कानपुर, संपादक : प्रतापनारायण मिश्र

(16) आनंद कादंबिनी : 1881 ई०, मासिक, मिर्जापुर, संपादक : बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन'

(17) भारतेंदु : 1883, वृदांवन, संपादक : राधाचरण गोस्वामी

(18) द्वंद्व : 1883, मासिक, लाहौर, संपादक : अंबिकादत्त व्यास

(19) भारतोदय : 1885, कानपुर से प्रकाशित, संपादक : सीताराम शर्मा, दूसरा हिंदी दैनिक

(20) (i) अखबारे चुनार : 1866, चुनार, संपादक : बालमुकुंद गुप्त, उर्दू का पत्र

(ii) कोहिनूर : 1888, लाहौर, संपादक : बालमुकुंद गुप्त, उर्दू का पत्र

(21) नागरी नीरद : 1893, साप्ताहिक, मिर्जापुर, संपादक : बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन'

(22) नागरीप्रचारिणी पत्रिका : 1896, त्रैमासिक, कशी, संस्थापक : श्यामसुंदरदास, रामनारायण मिश्र, शिवकुमार सिंह

(23) उपन्यास : 1898, काशी, मासिक, संपादक : पं० किशोरीलाल गोस्वामी;

(24) सरस्वती : 1900, मासिक, इलाहाबाद (प्रारंभ में काशी से); संपादक : श्याम सुन्दर दास व चार अन्य (1900-03), महावीर प्रसाद द्विवेदी (1903-20), पं० देवीदत्त शुक्ल (1920-47), प्रकाशन काल : (1900-82)

(25) सुदर्शन : 1900, मासिक, काशी, संपादक : देवकीनंदन खत्री, माधवप्रसाद मिश्र

(26) समालोचक : 1902, जयपुर, संपादक : चंद्रधर शर्मा गुलेरी

(27) अभ्युदय : 1907, साप्ताहिक, प्रयाग, संपादक : मदनमोहन मालवीय

(28) इन्दु : 1909, मासिक, वाराणसी, संपादक : अम्बिका प्रसाद गुप्त, रूप नारायण पाण्डेय; जयशंकर प्रसाद की आरंभिक रचनाओं को प्रकाशित करने का श्रेय।

(29) मर्यादा : 1910, 1921-23, मासिक, वाराणसी, संपादक : कृष्णकांत मालवीय, पद्यकांत मालवीय, लक्ष्मीघर बाजपेयी।

(30) प्रताप : 1913, साप्ताहिक, कानपुर से प्रकाशित, संपादक : गणेश शंकर विद्यार्थी

(31) प्रभा : 1913, मासिक, खण्डवा (कानपुर), संपादक : कालूराम, बालकृष्ण शर्मा 'नवीन', माखनलाल चतुर्वेदी

(32) श्री शारदा : 1916, मासिक, जबलपुर, संपादक : नर्मदा प्रसाद मिश्र, द्वारिका प्रसाद मिश्र, सालग्राम द्विवेदी, संरक्षक : सेठ गोविन्द दास; छायावाद युग का श्रेष्ठ पत्र, इसने 1920 में छायावाछ संबंधी लेखमाला प्रकाशित कर छायावाद को सर्वप्रथम मान्यता प्रदान की।

(33) कर्मवीर : 1919, जबलपुर, साप्ताहिक, संपादक : माखनलाल चतुर्वेदी

(34) चाँद : 1920, साप्ताहिक (बाद में मासिक), प्रयाग, संपादक : रामरख सहगल, चंडीप्रसाद, महादेवी वर्मा

(35) हिंदी नवजीवन : 1921, साप्ताहिक, अहमदाबाद, संपादक : महात्मा गाँधी

(36) समन्वय : 1922, मासिक, कलकत्ता, माधवानंद के संपादकत्व में आरंभ, बाद में 'निराला' द्वारा संपादन

(37) माधुरी : 1922, लखनऊ, संपादक : प्रेमचंद

(38) मतवाला : 1923, साप्ताहिक, कलकत्ता से प्रकाशित, संपादक : 'निराला'

(39) वीणा : 1927, मासिक, श्री मध्य भारत हिन्दी साहित्य, इन्दौर, प्रथम संपादक : पंडित अम्बिका प्रसाद, वर्तमान संपादक : विनायक पाण्डेय त्रिपाठी, हिन्दी में निकलनेवाली पत्रिकाओं में सबसे प्राचीन पत्रिका

(40) विशाल भारत : 1928, मासिक, कलकत्ता से प्रकाशित, संपादक : बनारसीदास चतुर्वेदी, 'अज्ञेय', श्रीराम शर्मा

(41) सुधा : 1929, मासिक, लखनऊ, संपादक : दुलारेलाल भार्गव, 'निराला'

(42) हंस : 1930, मासिक, बनारस, संपादक : प्रेमचंद

(43) हिन्दुस्तानी : 1931, त्रैमासिक, इलाहबाद, संपादक : रामचंद्र टंडन; हिन्दुस्तानी एकेडमी, इलाहाबाद का मुखपत्र।

(44) जागरण : 1932, साप्ताहिक, बनारस, प्रेमचंद, छायावाद का घोर समर्थक पत्र

(45) भारत : 1933, अर्द्ध साप्ताहिक, इलाहाबाद से प्रकाशित, संपादक : नंददुलारे वाजपेयी

(46) साहित्य-संदेश : 1937, मासिक, आगरा, संपादक : बाबू गुलाबराय

(47) रूपाभ : 1938, मासिक पत्र, संपादक : पंत

(48) हिन्दी अनुशीलन : 1943, त्रैमासिक, प्रयाग, संपादक : धीरेन्द्र वर्मा; भारतीय हिन्दी परिषद, प्रयाग का मुख पत्र।

(49) प्रतीक : 1947, द्विमासिक, इलाहाबाद, संपादक : 'अज्ञेय'

(50) कल्पना : 1949, द्विमासिक, हैदराबाद, संपादक : आर्येन्द्र शर्मा

(51) धर्मयुग : 1950, साप्ताहिक, बंबई, संपादक : धर्मवीर भारती

(52) आलोचना : 1951, त्रैमासिक, दिल्ली, संपादक : शिवदान सिंह चौहान, चार सदस्यीय संपादकमंडल (धर्मवीर भारती, रघुवंश, व्रजेश्वर वर्मा व विजयदेव नारायण साही), नामवर सिंह

(53) वसुधा : 1953, मासिक, जबलपुर, संपादक : राजेश्वर प्रसाद गुरु, हरिशंकर परसाई; प्रलेस का मुखपत्र मुक्तिबोध की रचनाएँ पहली बार इसी पत्रिका में प्रकाशित हुई।

(54) नये पत्ते : 1953, इलाहाबाद, संपादक : लक्ष्मीकान्त वर्मा

(55) नयी कविता : 1954, अर्द्धवार्षिक, इलाहाबाद, संस्थापक-संपादक : जगदीश गुप्त

(56) ज्ञानोदय : 1955, मासिक, कलकत्ता, संपादक : कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'

(57) निकष : 1956, साप्ताहिक, इलाहाबाद, संपादक : धर्मवीर भारती

(58) कृति : 1958, दिल्ली, संपादक : नरेश मेहता, श्रीकांत वर्मा

(59) समालोचक : 1958, मासिक पत्र, आगरा से प्रकाशित, संपादक : रामविलास शर्मा

(60) पहल : 1960, त्रैमासिक, जयपुर, संपादक : ज्ञानरंजन

(61) क ख ग : 1963, त्रैमासिक, इलाहबाद, संपादक : रघुवंश

(62) माध्यम : 1964, मासिक, प्रयाग/इलाहाबाद, संपादक : बालकृष्ण राव।

(63) दिनमान : 1965, साप्ताहिक, दिल्ली, संपादक : रघुवीर सहाय

(64) संचेतना : 1967, त्रैमासिक, दिल्ली, संपादक : महीप सिंह; उच्च स्तरीय लघु पत्र।

(65) समीक्षा : 1968, त्रैमासिक (बाद में मासिक), पटना, संपादक : देवेन्द्र नाथ शर्मा, गोपाल राय।

(66) कथा : 1972, त्रैमासिक (बाद में मासिक), इलाहाबाद, संपादक : मार्कण्डेय

(67) पूर्वग्रह : 1974, मासिक, भोपाल, संपादक : अशोक बाजपेयी

(68) साक्षात्कार : 1976, त्रैमासिक, भोपाल, संपादक : ज्ञानी; म० प्र० साहित्य परिषद, भोपाल का मुखपत्र

(69) दस्तावेज : 1978, गोरखपुर, संपादक :विश्वनाथ प्रसाद तिवारी

(70) अभिप्राय : 1981, इलाहाबाद, संपादक : राजेन्द्र कुमार

(71) समकालीन जनमत : 1981, पटना/इलाहाबाद, संपादक : रामजी राय।

(72) वर्तमान साहित्य : 1984, मासिक, इलाहबाद, संपादक : विभूति नारायण

(73) हंस (पुनर्प्रकाशन) : 1986, मासिक, दिल्ली, संपादक : राजेन्द्र यादव

(74) वागर्थ : जून 1995, मासिक, कलकत्ता, संपादक : प्रभाकर श्रोत्रिय।

(75) साहित्य अमृत : अगस्त 1995, मासिक, नई दिल्ली, संपादक : पं० विद्यानिवास मिश्र

(76) कथादेश : 1997, मासिक, दिल्ली, संपादक : हरि नारायण

(77) तद्भव : मार्च 1999, लखनऊ, संपादक : अखिलेश

(78) कसौटी : अप्रैल-जून 1999, त्रैमासिक, पटना, संपादक : नंदकिशोर नवल।

(79) बहुवचन : अक्तू-दिसम्बर 1999, त्रैमासिक, वर्धा, संपादक : अशोक बाजपेयी; महात्मा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा का पत्र।

(80) कथाक्रम : 2000, त्रैमासिक, लखनऊ, संपादक : शैलेन्द्र सागर

(81) परख :2000, इलाहाबाद, संपादक : कृष्ण मोहन

(82) संधान : अप्रैल-जून 2001, त्रैमासिक, इलाहाबाद/दिल्ली, संपादक : लाल बहादुर वर्मा

(83) पुस्तक वार्ता : 2001, द्वैमासिक, वर्धा, संपादक : राकेश श्रीमाल; महात्मा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीयहिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा का पत्र।

(84) नया ज्ञानोदय : 2002, मासिक, नई दिल्ली, संपादक : रवीन्द्र कालिया; भारतीय ज्ञानपीठ, नई दिल्ली का पत्र।

(85) वाक् : 2007, त्रैमासिक, नई दिल्ली, संपादक : सुधीश पचौरी।

(86) पाखी : सितम्बर 2008, मासिक, नोएडा (उ० प्र०), संपादक : अपूर्व जोशी।

(87) पुस्तक संस्कृति : जनवरी-मार्च 2016, त्रैमासिक, नई दिल्ली से बलदेव भाई शर्मा, एन० बी० टी० नई दिल्ली की पत्रिका

मंगलवार, 10 जुलाई 2018

भाग 27

: हिन्दी में दिए गए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की सूची[1]

वर्ष लेखक कृति शैली
१९५५ माखनलाल चतुर्वेदी हिमतरंगिनी काव्य
१९५६ वासुदेव शरण अग्रवाल पद्मावत संजीवनी व्याख्या व्याख्या
१९५७ आचार्य नरेन्द्र देव † बौद्ध धर्म दर्शन दर्शन
१९५८ राहुल सांकृत्यायन मध्य एशिया का इतिहास इतिहास
१९५९ रामधारी सिंह 'दिनकर' संस्कृति के चार अध्याय भारतीय संस्कृति
१९६० सुमित्रानंदन पंत कला और बूढ़ा चाँद काव्य
१९६१ भगवतीचरण वर्मा भूले बिसरे चित्र उपन्यास
१९६२ पुरस्कार वितरण नही
१९६३ अमृत राय प्रेमचंद: कलम का सिपाही जीवनी
१९६४ सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' आँगन के पार द्वार काव्य
१९६५ डॉ॰ नगेन्द्र रस सिद्धांत (विवेचना) विवेचना
१९६६ जैनेन्द्र कुमार मुक्तिबोध उपन्यास
१९६७ अमृतलाल नागर अमृत और विष उपन्यास
१९६८ हरिवंशराय बच्चन दो चट्टाने काव्य
१९६९ श्रीलाल शुक्ल राग दरबारी उपन्यास
१९७० राम विलास शर्मा निराला की साहित्य साधना जीवनी
१९७१ नामवर सिंह कविता के नये प्रतिमान साहित्यिक आलोचना
१९७२ भवानीप्रसाद मिश्र बुनी हुई रस्सी काव्य
१९७३ हजारी प्रसाद द्विवेदी आलोक पर्व निबंध
१९७४ शिवमंगल सिंह सुमन मिट्टी की बारात काव्य
१९७५ भीष्म साहनी तमस उपन्यास
१९७६ यशपाल मेरी तेरी उसकी बात उपन्यास
१९७७ शमशेर बहादुर सिंह चुका भी हूँ मैं नहीं काव्य
१९७८ भारतभूषण अग्रवाल उतना वह सूरज है काव्य
१९७९ सुदामा पांडेय 'धूमिल' † कल सुनना मुझे काव्य
१९८० कृष्णा सोबती ज़िन्दगीनामा - ज़िन्दा रुख़ उपन्यास
१९८१ त्रिलोचन ताप के ताये हुए दिन काव्य
१९८२ हरिशंकर परसाईं विकलांग श्रद्धा का दौर व्यंग
१९८३ सर्वेश्वरदयाल सक्सेना † खूँटियों पर टँगे लोग काव्य
१९८४ रघुवीर सहाय लोग भूल गये हैं काव्य
१९८५ निर्मल वर्मा कव्वे और काला पानी कहानी संग्रह
१९८६ केदारनाथ अग्रवाल अपूर्वा काव्य
१९८७ श्रीकांत वर्मा मगध काव्य
१९८८ नरेश मेहता अरण्या काव्य
१९८९ केदारनाथ सिंह अकाल में सारस काव्य
१९९० शिव प्रसाद सिंह नीला चाँद उपन्यास
१९९१ गिरिजाकुमार माथुर मैं वक्त के हूँ सामने काव्य
१९९२ गिरिराज किशोर ढाई घर उपन्यास
१९९३ विष्णु प्रभाकर अर्द्धनारीश्वर उपन्यास
१९९४ अशोक वाजपेयी कहीं नहीं वहीं काव्य
१९९५ कुंवर नारायण कोई दूसरा नहीं काव्य
१९९६ सुरेन्द्र वर्मा मुझे चाँद चाहिये उपन्यास
१९९७ लीलाधर जगूड़ी अनुभव के आकाश में चांद काव्य
१९९८ अरुण कमल नये इलाके में काव्य
१९९९ विनोद कुमार शुक्ल दीवार में एक खिड़की रहती थी उपन्यास
२००० मंगलेश डबराल हम जो देखते हैं काव्य
२००१ अलका सरावगी कलिकथा वाया बाईपास उपन्यास
२००२ राजेश जोशी दो पंक्तियों के बीच काव्य
२००३ कमलेश्वर कितने पाकिस्तान उपन्यास
२००४ वीरेन डंगवाल दुष्चक्र में सृष्टा काव्य
२००५ मनोहर श्याम जोशी क्याप उपन्यास
२००६ ज्ञानेन्द्रपति संशयात्मा काव्य
२००७ अमरकांत इन्हीं हथियारों से उपन्यास
२००८ गोविन्द मिश्र कोहरे में कैद रंग उपन्यास
२००९ कैलाश वाजपेयी हवा में हस्ताक्षर काव्य
२०१० उदय प्रकाश मोहन दास कहानी
२०११ काशीनाथ सिंह रेहन पर रग्घू उपन्यास
२०१२ चंद्रकांत देवताले पत्थर फेंक रहा हूँ काव्य
२०१३ मृदुला गर्ग मिलजुल मन उपन्यास
२०१४ रमेशचन्द्र शाह विनायक उपन्यास
२०१५ रामदरश मिश्र आग की हँसी काव्य
२०१६ नासिरा शर्मा पारिजात उपन्यास
२०१७ रमेश कुंतल मेघ विश्व मिथक सरित सागर साहित्यिक समालोचना
† - मरणोपरांत सम्मानित किया गया

सोमवार, 9 जुलाई 2018

भाग 26

हिंदी के प्रचार में संलग्न प्रमुख संस्थाएं –
1. फोर्ट विलियम कॉलेज 1801 ई
2. नगरी प्रचारणी सभा 1893
3.सरस्वती पत्रिका 1900
4. हिंदी साहित्य सम्मेलन 1910
5. दक्षिण भारत हिंदी प्रचार संस्था 1915
6. दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा 1918
7.अखिल भारतीय संगीत परिषद1919
8.केरल हिंदी प्रचार सभा 1934
9. परिमल 1935
10. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा 1936
11.प्रगतिशील लेखक संघ 1936
12. महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा पूना 1937
13. IPTA(Indian People Theatre Asso.) 1942
14.बिहार राष्टभाषा परिषद पटना 1947
15. मणिपुर हिंदी परिषद इम्फाल 1953
16. संगीत नाटक अकादमी 1953
17. असम राष्ट्रभाषा प्रसार समिति गुवाहाटी 1954
18. साहित्य अकादमी 1955
19. राष्ट्रीय नाटक अकादमी 1959
20. अखिल भारतीय हिंदी संस्था संघ दिल्ली 1964
21. केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद नई दिल्ली 3 मई 1980
22. गुजरात विद्यापीठ अहमदाबाद
23. हिंदी भाषा संवधनी सभा अलीगढ़।

भाग 25

 ( कठिनतम विलोम शब्द)
101. ग्राम्य – नागर
102. घृणा – प्रेम
103. चिरंतन – नश्वर
104. चल – अचल
105. चंचल – अचंचल
106. चिर – अचिर
107. जीवन – मरण
108. जाग्रत – सुप्त
109. जंगम – स्थावर
110. जागरण – सुषुप्ति
111. ज्योति – तम
112. तरुण – वृद्ध
113. तृप्त – अतृप्त
114. तृष्णा – तृप्ति
115. तीक्ष्ण – कुंठित
116. दण्ड – पुरस्कार
117. दानी – कृपण
118. दुरात्मा – महात्मा
119. देव – दानव
120. दिन – रात
121. धृष्ट – विनीत
122. निरर्थक – सार्थक
123. निर्दय – सदय
124. निषिद्ध – विहित
125. नैसर्गिक – कृत्रिम
126. निष्काम – सकाम
127. परतन्त्र – स्वतन्त्र
128. प्राचीन – नवीन
129. प्राची – प्रतीची
130. प्रभु – भृत्य
131. प्रसाद – अवसाद
132. पूर्ववर्ती – परवर्ती
133. पाश्चात्य – पौवार्त्य
134. बंजर – उर्वर
135. भला – बुरा
136. भूत – भविष्य
137. मुख्य – गौण
138. मनुज – दनुज
139. मूक – वाचाल
140. मन्द – तीव्र
141. मौखिक – लिखित
142. योगी -भोगी
143. युद्ध – शान्ति
144. यश – अपयश
145. योग्य – अयोग्य
146. राजा – रंक
147. रक्षक -भक्षक
148. रुग्ण – स्वस्थ
149. रुदन – हास्य
150. रिक्त – पूर्ण
151. लौकिक – अलौकिक
152. लम्बा – चौड़ा
153. व्यास – समास
154. विख्यात – कुख्यात
155. विधि – निषेध
156. विपन्न – सम्पन्न
157. विपदा – सम्पदा
158. वृष्टि – अनावृष्टि
159. शासक – शासित
160. शिष्ट – अशिष्ट
161. शिख- नख
162. श्याम – श्वेत
163. शोक – हर्ष
164. शोषक – पोषक
165. सत्कार – तिरस्कार
166. संक्षेप – विस्तार
167. सूक्ष्म – स्थूल
168. संगठन – विघटन
169. संयोग – वियोग
170. सुमति – कुमति
171. सत्कर्म – दुष्कर्म
172. सामिष – निरामिष
173. स्मरण – विस्मरण
174. संसदीय – असंसदीय
175. सृजन – संहार
176. क्षय – अक्षय
177. क्षुद्र – विराट
178. ज्ञेय – अज्ञेय
179. स्वीकृति – अस्वीकृति
180. भौतिक – आध्यात्मिक

भाग 23

 ( कठिनतम विलोम शब्द)

1. अग्र – पश्च
2. अज्ञ – विज्ञ
3. अमृत -विष
4. अथ – इति
5. अघोष – सघोष
6. अधम – उत्तम
7. अपकार – उपकार
8. अपेक्षा – उपेक्षा
9. अस्त – उदय
10. अनुरक्त – विरक्त
11. अनुराग – विराग
12. अन्तरंग – बहिरंग
13. अवतल – उत्तल
14. अवर – प्रवर
15. अमर – मर्त्य
16. अर्पण – ग्रहण
17. अवनि – अम्बर
18. अपमान – सम्मान
19. अतिवृष्टि – अनावृष्टि
20. अनुकूल – प्रतिकूल
21. अन्तर्द्वन्द्व – बहिर्द्वन्द्व
22. अग्रज – अनुज
23. अकाल – सुकाल
24. अर्थ – अनर्थ
25. अँधेरा – उजाला
26. अपेक्षित – अनपेक्षित
27. आदि – अन्त
28. आस्तिक – नास्तिक
29. आरम्भ – समापन
30. आहूत – अनाहूत
31. आयात – निर्यात
32. आभ्यन्तर – बाह्य
33. आवृत – अनावृत
34. आशा – निराशा
35. आरोहण – अवरोहण
36. आस्था – अनास्था
37. आर्द्र – शुष्क
38. आकाश – पाताल
39. आवाहन – विसर्जन
40. आविर्भाव – तिरोभाव
41. आरोह – अवरोह
42. आदान – प्रदान
43. आगामी – विगत
44. आदर -अनादर
45. आकर्षण – विकर्षण
46. आर्य – अनार्य
47. आश्रित – अनाश्रित
48. इष्ट – अनिष्ट
49. इहलोक – परलोक
50. उग्र – सौम्य
51. उदात्त – अनुदात्त
52. उत्कृष्ट – निकृष्ट
53. उपसर्ग – परसर्ग
54. उन्मुख – विमुख
55. उन्नत – अवनत
56. उद्दत – विनीत
57. उपमान – उपमेय
58. उपत्यका – अधित्यका
59. उत्तरायण – दक्षिणायन
60. उन्मूलन – रोपण
61. उष्ण – शीत
62. उदयाचल – अस्ताचल
63. उपयुक्त – अनुपयुक्त
64. उच्च – निम्न
65. एड़ी – चोटी
66. ऐहिक – पारलौकिक
67. औचित्य – अनौचित्य
68. एक – अनेक
69. एकत्र – विकीर्ण
70. एकता – अनेकता
71. एकाग्र – चंचल
72. ऐतिहासिक – अनैतिहासिक
73. औपचारिक – अनौपचारिक
74. ऋजु – वक्र
75. ऋत – अनृत
76. कटु – सरल
77. कनिष्ट – जयेष्ट
78. कृष्ण – शुक्ल
79. कुटिल – सरल
80. कृत्रिम – अकृत्रिम
81. करुण – निष्ठुर
82. कायर – वीर
83. कुलीन – अकुलीन
84. क्रय – विक्रय
85. कल्पित – यथार्थ
86. कृतज्ञ – कृतघ्न
87. कोप -कृपा
88. क्रोध – क्षमा
89. कृश – स्थूल
90. क्रिया – प्रतिक्रिया
91. खण्डन – मण्डन
92. खरा – खोटा
93. खाद्य – अखाद्य
94. गुप्त – प्रकट
95. गरल – सुधा
96. गम्भीर – वाचाल
97. गुरु – लघु
98. गौरव – लाघव
99. गोचर – अगोचर
100. गुण – दोष

शनिवार, 7 जुलाई 2018

भाग 24

 भक्ति आंदोलन
————————-
1. भक्ति आंदोलन की शुरुआत कहां से हुई ?
►-दक्षिण भारत
2. अद्वैतवाद का दर्शन किन्होंने दिया ?
►-शंकराचार्य
3. भक्ति आंदोलन के प्रसार का श्रेय किसे जाता
है ?
►-12 अलवार, 63 नयनार और संतों को ।
4. दक्षिण भारत से भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत
लाने का श्रेय किसे जाता है ?
►-रामानंद
5. दक्षिण भारत से भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत
किस समय लाया गया ?
►-12वीं सदी
6. रामानुजाचार्य का जन्म कब और कहां हुआ ?
►-1017 ई. में पेरम्बुर में ।
7. रामानुजाचार्य ने कौन-सा दर्शन दिया ?
►-विशिष्टाद्वैत
8. वैष्णव संत रामानंद से रामानुजाचार्य का क्या
संबंध था ?
►-रामानुजाचार्य के शिष्य थे संत रामानंद
9. किसने भक्ति साधना को मोक्ष का मार्ग
बताया ?
►-रामानंद
10. कबीरदास का जन्म कहां हुआ ?
►-कबीरदास का जन्म सन् 1425 ई. में वाराणसी केनिकट लहरतारा के पास हुआ था ।

11. कबीर किस शासक के समकालीन थे ?
►-सिकंदर लोदी
12. कबीर ने किस भक्ति पंथ का प्रसार किया ?
►-निर्गुण
13. कबीर के अनुयायी को क्या कहते हैं ?
►-कबीरपंथी
14. कबीर की वाणी किस ग्रंथ में संकलित हैं ?
►-बीजक
15. गुरुनानक का जन्म कहां हुआ ?
►-गुरूनानक का जन्म पंजाब के तलवण्डी में 1469 ई.
को हुआ ।
16. नानक ने किस धर्म की स्थापना की ?
►-सिख
17. किस सूफी संत से गुरुनानक प्रभावित थे ?
►-सूफी संत बाबा फरीद
18. नानक वाणी किस ग्रंथ में संकलित हैं ?
►-गुरुग्रंथ साहब
19. चैतन्य ने क्या किया ?
►-इन्होंने गोसाई संघ की स्थापना की ।
20. चैतन्य ने किसकी भक्ति पर जोर दिया ?
►-कृष्ण भक्ति

21. चैतन्य ने किस दर्शन का प्रतिपादन किया ?
►-अचिंत्य भेदाभेदवाद दर्शन
22. चैतन्य का जन्म कब और कहां हुआ ?
►-ई. में बंगाल के नदिया जिले में ।
23. वल्लभाचार्य को क्या कहा जाता है ?
►-वल्लभाचार्य के भक्ति मार्ग को पुष्टिमार्ग कहा
जाता है ।
24. इनके अनुयायी किस नाम से विख्यात हुए ?
►-अण्टछाप
25. इनका जन्म कब और कहां हुआ ?
►-1457 ई. में वाराणसी में ।
26. तुलसीदास किसके समकालीन थे ?
►-अकबर
27. तुलसीदास का जन्म कहां हुआ ?
►-बांदा के राजपुर गांव में (1554 ई.) ।
28. तुलसी ने रामायण की रचना किस भाषा में
की ?
►-अवधी
29. तुलसी के रामायण को क्या कहते हैं ?
►-रामचरितमानस
30.रैदास ने कौनसे संप्रदाय की नींव रखी ?
►-रैदास ने रैदासी संप्रदाय की नींव रखी ।

31.रैदास किसके शिष्य थे ?
►-रामानंद
32.भगवान श्री कृष्ण के किस भक्त ने रैदास को
अपना गुरु बनाया था ?
►-मीराबाई
33. दादू दयाल किस जाति के थे ?
►-धुनिया
34.दादू दयाल का जन्म कब और कहां हुआ ?
►-1554 ई. में अहमदाबाद के निकट ।
35. किस मुगल शासक ने दादू दयाल को धार्मिक
चर्चा के लिए फतेहपुर सीकरी आमंत्रित किया था ?
►-अकबर
36. दादू दयाल ने किस संप्रदाय की स्थापना की ?
►-निपख संप्रदाय
37. महाराष्ट्र में भक्ति आंदोलन का जनक किसे कहा
जाता है ?
►-ज्ञानदेव या ज्ञानेश्वर
38. किसने वरकरी संप्रदाय की स्थापना की ?
►-नामदेव
39. किसके आराध्य देव पांढरपुर के बिठोबा या
विट्ठल( विष्णु रुप) थे ?
►-नामदेव
40. रामायण पर भावार्थ रामायण नाम की टीका
किसने लिखी ?
►-एकनाथ

41. किसकी भक्ति कविताओं को अभंग कहा जाता
है ?
►-तुकाराम
42. शिवाजी के आध्यात्मिक गुरु कौन थे ?
►-रामदास
43. आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठ
पीठ——————– स्थान
►-ज्योतिष पीठ————- बद्रीनाथ
(उत्तराखंड)
►-गोवर्धन पीठ————–पुरी (उड़ीसा)
►-शारदा पीठ—- ———–द्वारिका (गुजरात)
►-श्रृंगेरी पीठ————— मैसूर (कर्नाटक)
44. चार भक्ति सम्प्रदाय
►-श्री सम्प्रदाय —————रामानुजाचार्य
►-ब्रह्म सम्प्रदाय—————मध्वाचार्य
►-रुद्र सम्पद्राय ————–विष्णु स्वामी
►-सनकादि सम्प्रदाय ——–निम्बार्काचार्य

भाग 22

 प्रश्‍न 1- किस युग को आधुनिक हिन्दी कविता का सिंहद्वार कहा जाता है।
उत्‍तर - भारतेन्दु युग को ।
प्रश्‍न 2- द्विवेदी युग के प्रवर्तक कौन थे।
उत्‍तर - महावीर प्रसाद द्विवेदी ।
प्रश्‍न 3- हिन्दी का पहला सामाजिक उपन्यास कौन सा माना जाता है।
उत्‍तर - भाग्यवती ।
प्रश्‍न 4- सन् 1950 से पहले हिन्दी् कविता किस कविता के रूप में जानी जाती थी।
उत्‍तर - प्रयोगवादी ।
प्रश्‍न 5- ब्रज भाषा का सर्वोत्त‍म कवि है।
उत्‍तर - सूरदास ।
प्रश्‍न 6- आदिकाल के बाद हिन्दी में किस साहित्य का उदय हुआ ।
उत्‍तर - भक्ति साहित्य का ।
प्रश्‍न 7- निर्गुण भक्ति काव्य के प्रमुख कवि है।
उत्‍तर - कबीरदास ।
प्रश्‍न 8- किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है।
उत्‍तर - भक्ति काल को ।
प्रश्‍न 9- हिन्दी का आदि कवि किसे माना जाता है।
उत्‍तर - स्व्यंभू ।
प्रश्‍न 10- आधुनिक काल का समय कब से माना जाता है।
उत्‍तर - 1900 से अब तक ।
प्रश्‍न 11- जयशंकर प्रसाद की सर्वश्रेष्ठ रचना कौन सी है।
उत्‍तर - कामायनी ।
प्रश्‍न 12- बिहारी ने क्या लिखे है।
उत्‍तर - दोहे ।
प्रश्‍न 13- कबीर किसके शिष्य थे।
उत्‍तर - रामानन्द ।
प्रश्‍न 14- पद्यावत महाकाव्य कौन सी भाषा में लिखा है।
उत्‍तर - अवधी ।
प्रश्‍न 15- चप्पू किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - गद्य और पद्य मिश्रित रचनाओं को ।
प्रश्‍न 16- कलाधर उपनाम से कविता कौन से कवि लिखते थे।
उत्‍तर - जयशंकर प्रसाद ।
प्रश्‍न 17- रस निधि किस कवि का उपनाम है।
उत्‍तर - पृथ्वी सिंह ।
प्रश्‍न 18- प्रेमचन्द्र के अधुरे उपन्यांस का नाम है।
उत्‍तर - मंगलसूत्र ।
प्रश्‍न 19- हिन्दी का सर्वाधिक नाटककार कौन है।
उत्‍तर - जयशंकर प्रसाद ।
प्रश्‍न 20- तुलसीकृत रामचरित मानस में कौन सी भाषा का प्रयोग किया गया है।
उत्‍तर - अवधी भाषा का प्रयोग किया गया है।
प्रश्‍न 21- एकांकी के जन्मदाता कौन है।
उत्‍तर - धर्मवीर भारती ।
प्रश्‍न 22- मीराबाई ने किस भाव से कृष्ण की उपासना की ।
उत्‍तर - माधुर्य भाव से ।
प्रश्‍न 23- रामचरित मानस का प्रधान रस है।
उत्‍तर - शान्त रस ।
प्रश्‍न 24- सबसे पहले अपनी आत्मकथा हिन्दी में किसने लिखी ।
उत्‍तर - डॉं. राजेन्द्र प्रसाद ने ।
प्रश्‍न 25- हिन्दी कविता का पहला महाकाव्य् कौन सा है।
उत्‍तर - पृथ्वीराज रासो ।
प्रश्‍न 26- हिन्दी के सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र का नाम क्या है।
उत्‍तर - उदन्ड मार्तण्ड ।
प्रश्‍न 27- हिन्दी साहित्य की प्रथम कहानी है।
उत्‍तर - इन्दुमती ।
प्रश्‍न 28- आंचलिक रचनाऍं किससे सम्बन्धित होती है।
उत्‍तर - क्षेत्र विषेश से ।
प्रश्‍न 29- पृथ्वीराज रासो किस काल की रचना है ।
उत्‍तर - आदिकाल की ।
प्रश्‍न 30- हिन्दी गद्य का जन्म दाता किसको माना जाता है।
उत्‍तर - भारतेन्दु हरिचन्‍द्र जी को ।
प्रश्‍न 31- कवि कालिदास की ‘अभिज्ञान शाकुन्त‍लम्’ का हिन्दी अनुवाद किसने किया।
उत्‍तर - राजा लक्ष्मणसिंह ने ।
प्रश्‍न 32- पद्य साहित्य को कितने भागों में बॉंटा गया है।
उत्‍तर - पन्द्रह भागों में ।
प्रश्‍न 33- कवि नरेन्द्र शर्मा ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के निधन से प्रभावित होकर कौन सी रचना की ।
उत्‍तर - रक्त चन्दन की रचना की ।
प्रश्‍न 34- नाट्यशास्त्रकारों द्वारा अमान्य रस कौन सा है।
उत्‍तर - वीभत्स रस ।
प्रश्‍न 35- काव्य शास्त्र का प्राचीनतम नाम क्या था।
उत्‍तर - अलंकार शास्त्र ।
प्रश्‍न 36- रीति सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे।
उत्‍तर - आचार्य वामन ।
प्रश्‍न 37- हिन्दी में काव्य शास्त्र के प्रथम आचार्य कौन है।
उत्‍तर - केशवदास ।
प्रश्‍न 38- साहित्य शब्द् किस शब्द से बना है।
उत्‍तर - सहित शब्द से बना है।
प्रश्‍न 39- हिन्दी साहित्य में जीवनी साहित्य का प्रारम्भ कौन से युग में हुआ ।
उत्‍तर - भारतेंदु युग में ।
प्रश्‍न 40- हिन्‍दी भाषा और सांहित्‍य के लेखक है।
उत्‍तर - श्‍यामसुंदरदास ।
प्रश्‍न 41- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । यह किसने कहा ।
उत्‍तर - अरस्तू ने ।
प्रश्‍न 42- भाषा किसे कहते है।
उत्‍तर - मनुष्य अपने मानसिक विचारों की अभिव्यक्ति के लिए जिस माध्यम का प्रयोग करता है। वह भाषा कहलाती है।
प्रश्‍न 43- भाषा शब्द की उत्पत्ति कहॉ से हुई है।
उत्‍तर - भाषा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के भाष धातु से हुई है।
प्रश्‍न 44- सामान्य् शब्दों मे हम भाषा को किस तरह से व्यक्तु करेगे ।
उत्‍तर - भाषा वह साधन है । जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों या विचारों को बोलकर या लिखकर दूसरे मनुष्यो तक पहुँचाता है।
प्रश्‍न 45- भाषा को मोटे रूप में कितने भागों मे बांटा गया है।
उत्‍तर - भाषा को मोटे रूप में 2 भागों मे बांटा गया है।
1. लिखित भाषा
2. मौखिक भाषा
प्रश्‍न 46- हिन्दी भाषा का सम्बंन्ध किस लिपि से है।
उत्‍तर - देवनागरी लिपि से है।
प्रश्‍न 47- बोलने वालो की संख्या की दृष्टि से हिन्दी का विश्व मे कौन सा स्थान है।
उत्‍तर - तीसरा ।
प्रश्‍न 48- सूरदास के काव्य किस भाषा में है।
उत्‍तर - ब्रजभाषा में ।
प्रश्‍न 49- संविधान के किस अनुच्छे्द में कहा गया है – ‘’ संघ की राजभाषा हिन्दी् और लिपि देवनागरी होगी ‘’ ।
उत्‍तर - 343 वें अनुच्छेद में कहॉ गया ।
प्रश्‍न 50- हिन्दी शब्द‍ की व्युात्पात्ति कहॉ से हुई है।
उत्‍तर - सिंधु से ।
प्रश्‍न 51- वर्तमान हिन्दी का प्रचलित रूप कैसा है।
उत्‍तर - खडी बोली ।
प्रश्‍न 52- जिन ध्वनियों के संयोग से शब्दों का निर्माण होता है। उन्हें क्या कहते है।
उत्‍तर - वर्ण ।
प्रश्‍न 53- स्वरों की संख्या कितनी मानी गई है।
उत्‍तर - 11 ।
प्रश्‍न 54- हिन्दी मानक वर्ण माला में कुल कितने वर्ण है।
उत्‍तर - 52 ।
प्रश्‍न 55- अन्तस्थ व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्‍तर - 4 ।
प्रश्‍न 56- हिन्दी वर्ण माला को कितने भागों में विभक्त किया गया है।
उत्‍तर - दो भागो में ।
प्रश्‍न 57- हिन्दो वर्ण माला में स्पर्श व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्‍तर - 25 ।
प्रश्‍न 58- मात्रा के आधार पर हिन्दी स्वंरों के दो भेद कौन से है।
उत्‍तर - हस्वर और दीर्घ ।
प्रश्‍न 59- ‘ क्ष ‘ वर्ण किसके योग से बना है।
उत्‍तर - ‘’ क् + ष ‘’ से बना है।
प्रश्‍न 60- हिन्दी वर्ण माला में व्यंजनों की संख्या है।
उत्‍तर - 33 व्यंजन है।
प्रश्‍न 61- सूरदास का काव्‍य किस भाषा में है।
उत्‍तर - ब्रजभाषा में ।
प्रश्‍न 62- हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मेलन प्रयाग की स्‍थापना कब हुई ।
उत्‍तर - 1910 में ।
प्रश्‍न 63- संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्‍लेखित भारतीय भाषाओं की संख्‍या है।
उत्‍तर - 22 ।
प्रश्‍न 64- हिन्‍दी की विशिष्‍ट बोली ब्रज भाषा किस रूप में सबसे अधिक प्रसिद्ध है।
उत्‍तर - काव्‍य भाषा ।
प्रश्‍न 65- देवनागरी लिपि किस लिपि का विकसित रूप है।
उत्‍तर - ब्राम्‍ही लिपि ।
प्रश्‍न 66- रामायण महाभारत आदि ग्रन्‍थ कौन सी भाषा में लिखे गये है।
उत्‍तर - आर्यभाषा में ।
प्रश्‍न 67- विद्यापति की प्रसिद्ध रचना पदावली किस भाषा में लिखी गई है।
 उत्‍तर - मैथिली में ।
प्रश्‍न 68- भारत में हिन्‍दी का संवैधानिक स्‍वरूप है।
उत्‍तर - राजभाषा । ।
प्रश्‍न 69- जाटू किस बोली का उपनाम है।
उत्‍तर - बॉगरू ।
प्रश्‍न 70- ''एक मनई के दुई बेटवे रहिन'' यह अवतरण हिन्‍दी की किस बोली में है।
उत्‍तर - भोजपुरी से ।
प्रश्‍न 71- हिन्दी का पहला नाटक है।
उत्‍तर - नहुष ।
प्रश्‍न 72- कबीरदास की भाषा थी।
उत्‍तर - सधुक्कडी ।
प्रश्‍न 73- कलम का जादूगर किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - रामवृक्ष बेनीपुरी को ।
प्रश्‍न 74- प्रगतिवाद उपयोगितावाद का दूसरा नाम है। यह कथन किसका है।
उत्‍तर - रामविलास शर्मा ।
प्रश्‍न 75- रामचरितमानस में कुल कितने काण्ड है।
उत्‍तर - सात ।
प्रश्‍न 76- हिन्दी साहित्य के इतिहास के रचयिता कौन है।
उत्‍तर - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ।
प्रश्‍न 77- गीत गोविन्द किस भाषा में है।
उत्‍तर - संस्कृत भाषा में ।
प्रश्‍न 78- लोक नायक किसको कहा जाता है।
उत्‍तर - तुलसीदास जी को ।
प्रश्‍न 79- इन्दिरापति किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - विष्णु को ।
प्रश्‍न 80- पंचतंत्र क्या है।
उत्‍तर - कहानी संग्रह ।

भाग 21

$$$ आदिकाल $$$
 (650 ई०-1350 ई०)
®हिन्दी साहित्येतिहास के विभिन्न कालों के नामकरण का प्रथम श्रेय जार्ज ग्रियर्सन को है।
®हिन्दी साहित्येतिहास के आरंभिक काल के नामकरण का प्रश्न विवादास्पद है। इस काल को ग्रियर्सन ने 'चरण काल', मिश्र बंधु ने 'प्रारंभिक काल', महावीर प्रसाद द्विवेदी ने 'बीज वपन काल', शुक्ल ने 'आदिकाल: वीर गाथाकाल', राहुल सांकृत्यायन ने 'सिद्ध- सामंत काल', राम कुमार वर्मा ने 'संधिकाल' व 'चारण काल', हजारी प्रसाद द्विवेदी ने 'आदिकाल' की संज्ञा दी है।
®आदिकाल में तीन प्रमुख प्रवृत्तियाँ मिलती है- धार्मिकता, वीरगाथात्मकता व श्रृंगारिकता।
प्रबंधात्मक काव्यकृतियाँ : रासो काव्य, कीर्तिलता , कीर्तिपताका इत्यादि।
®मुक्तक काव्यकृतियाँ : खुसरो की पहेलियाँ, सिद्धों-नाथों की रचनाएँ, विद्यापति की पदावली इत्यादि।
®विद्यापति ने 'कीर्तिलता' व 'कीर्तिपताका' की रचना अवहट्ट में और 'पदावली' की रचना मैथली में की।
®आदिकाल में दो शैलियाँ मिलती हैं डिंगल व पिंगल। डिंगल शैली में कर्कश शब्दावलियों का प्रयोग होता है जबकि पिंगल शैली में कर्णप्रिय शब्दावलियों की। कर्कश शब्दावलियों के कारण डिंगल शैली अलोकप्रिय होती चली गई। जबकि कर्णप्रिय शब्दावलियों के कारण पिंगल शैली लोकप्रिय होती चली गई और आगे चलकर इसका ब्रजभाषा में विगलन हो गया।
®'पृथ्वी राज रासो' कथानक रूढ़ियों का कोश है। [(कथानक रूढ़ि (Motiff)- एक प्रकार का प्रतीक जिसके साथ एक पूरी की पूरी कथा जुड़ी हो)]
®अपभ्रंश में 15 मात्राओं का एक 'चउपई' छंद मिलता है। हिन्दी ने चउपई में एक मात्रा बढ़ाकर 'चौपाई' के रूप में अपनाया अर्थात चौपाई 16 मात्राओं का छंद है।
®आदिकाल में 'आल्हा' छंद (31 मात्रा) बहुत प्रचलित था। यह वीर रस का बड़ा ही लोकप्रिय छंद था।
®दोहा, रासा, तोमर, नाराच, पद्धति, पज्झटिका, अरिल्ल आदि छंदों का प्रयोग आदिकाल में मिलता है।
®चौपाई के साथ दोहा रखने की पद्धति 'कडवक' कहलाती है। कडवक का प्रयोग आगे चलकर भक्ति काल में जायसी और तुलसी ने किया।
®अमीर खुसरो को 'हिन्द-इस्लामी समन्वित संस्कृति का प्रथम प्रतिनिधि' कहा जाता है।
®आदिकालीन साहित्य के तीन सर्वप्रमुख रूप है- सिद्ध-साहित्य, नाथ-साहित्य एवं रासो साहित्य।
सिद्धों द्वारा जनभाषा में लिखित साहित्य को 'सिद्ध-साहित्य' कहा जाता है। यह साहित्य बौद्ध धर्म के वज्रयान शाखा का प्रचार करने हेतु रचा गया।
®सिद्धों की संख्या 84 मानी जाती है। तांत्रिक क्रियाओं में आस्था तथा मंत्र द्वारा सिद्धि चाहने के कारण इन्हें 'सिद्ध' कहा गया। 84 सिद्धों में सरहपा, शबरपा, कण्हपा, लुइपा, डोम्भिपा, कुक्कुरिपा आदि प्रमुख हैं। सरहपा प्रथम सिद्ध है। इन्हें सहजयान का प्रवर्तक कहा जाता है।
®सिद्ध कवियों की रचनाएँ दो रूपों में मिलती है 'दोहा कोष' और 'चर्यापद' । सिद्धाचार्यों द्वारा रचित दोहों का संग्रह 'दोहा कोष' के नाम से तथा उनके द्वारा रचित पद 'चर्या पद' के नाम से प्रसिद्ध है।
®सिद्ध-साहित्य की भाषा को अपभ्रंश एवं हिन्दी के संधि काल की भाषा मानी जाती है इसलिए इसे 'संधा' या 'संध्या' भाषा का नाम दिया जाता है।
®10 वीं सदी के अंत में शैव धर्म एक नये रूप में आरंभ हुआ जिसे 'योगिनी कौल मार्ग', 'नाथ पंथ' या 'हठयोग' कहा गया। इसका उदय बौद्ध-सिद्धों की वाममार्गी भोग-प्रधान योगधारा की प्रतिक्रिया के रूप में हुआ।
®अनुश्रुति के अनुसार 9 नाथ हैं- आदि नाथ (शिव), जलंधर नाथ, मछंदर नाथ, गोरखनाथ, गैनी नाथ, निवृति नाथ आदि। लेकिन नाथ-साहित्य के प्रवर्तक गोरखनाथ ही थे।
®बौद्ध-सिद्धों की वाणी में पूर्वीपन का पुट है तो शैव-नाथों की वाणी में पश्चिमीपन का।
®'रासो' शब्द की व्युत्पत्ति को लेकर विद्वानों में मतभेद है।
@ रासो-काव्य को मुख्यतः 3 वर्गों में बाँटा जाता है-
(1) वीर गाथात्मक रासो काव्य : पृथ्वीराज रासो, हम्मीर रासो, खुमाण रासो, परमाल रासो, विजयपाल रासो।
(2) शृंगारपरक रासो काव्य : बीसल देव रासो, सन्देश रासक, मुंज रासो।
(3) धार्मिक व उपदेशमूलक रासो काव्य : उपदेश रसायन रास, चन्दनबाला रस, स्थूलिभद्र रास, भरतेश्वर बाहुबलि रास, रेवन्तगिरि रास।
®पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई) : रासो काव्य परंपरा का प्रतिनिधि व सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ, आदिकाल का सर्वाधिक प्रसिद्ध ग्रंथ, काव्य-रूप-प्रबंध, रस-वीर व श्रृंगार, अलंकार- अनुप्रास व यमक (चंदबरदाई के प्रिय), छंद- विविध छंद (लगभग 68), गुण-ओज व माधुर्य, भाषा-राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा, शैली-पिंगल।
पृथ्वीराज रासो में चौहान शासक पृथ्वीराज के अनेक युद्धों और विवाहों का सजीव चित्रण हुआ है।
पृथ्वीराज रासो एक अर्द्धप्रामाणिक रचना है।
®परमाल रासो (जगनिक) : मूल रूप से उपलब्ध नहीं है लेकिन इसका एक अंश उपलब्ध है जिसे 'आल्हा खंड' कहा जाता है। इसका छंद आल्हा या वीर के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
®संदेश रासक (अब्दुल रहमान) : एक विरह काव्य है।
रासो काव्य की सामान्य विशेषताएँ :
(1) ऐतिहासिकता व कल्पना का सम्मिश्रण
(2) प्रशस्ति काव्य
(3) युद्ध व प्रेम का वर्णन
(4) वैविध्यपूर्ण भाषा
(5) डिंगल-पिंगल शैली का प्रयोग
(6) छंदों का बहुमुखी प्रयोग
®चंदबरदाई दिल्ली के चौहान शासक पृथ्वी राज-III चौहान के सामंत व राजकवि थे।
®अमीर खुसरो का मूल नाम अबुल हसन था। दिल्ली के सुल्तान जलालुद्दीन खल्जी ने उनकी कविता से खुश होकर उन्हें 'अमीर' का ख़िताब दिया और 'खुसरो' उनका तखल्लुस (उपनाम) था। इस प्रकार वे बन गए-अमीर खुसरो। बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे अरबी, फारसी, तुर्की, संस्कृत एवं हिन्दी के विद्वान थे। उन्होंने फारसी में ऐतिहासिक-साहित्यिक पुस्तकें लिखीं, व्रजभाषा में गीतों-कव्वालियों की रचना की और खड़ी बोली में पहेलियाँ-मुकरियाँ बुझाई। संगीत के क्षेत्र में उन्हें कव्वाली, तराना गायन शैली एवं सितार वाद्य यंत्र का जन्मदाता माना जाता है।
®विद्यापति बिहार के दरभंगा जिले के बिसफी गाँव रहनेवाले थे। उन्हें मिथिला के महाराजा कीर्ति सिंह और शिव सिंह का संरक्षण प्राप्त था।
जिस रचना के कारण विद्यापति 'मैथिल कोकिल' कहलाए वह उनकी मैथिली में रचित 'पदावली' है। यह मुक्तक काव्य है और इसमें पदों का संकलन है। पूरी पदावली भक्ति व श्रृंगार की धूपछांही है।

#प्रसिद्ध पंक्तियां:-
@बारह बरस लौं कूकर जीवै अरु तेरह लौं जिये सियार/बरस अठारह क्षत्रिय जीवै आगे जीवन को धिक्कार -जगनिक
@भल्ला हुआ जो मारिया बहिणी म्हारा कंतु/लज्जेजंतु वयस्सयहु जइ भग्गा घरु एंतु (अच्छा हुआ जो मेरा पति युद्ध में मारा गया; हे बहिन ! यदि वह भागा हुआ घर आता तो मैं अपनी समवयस्काओं (सहेलियों) के सम्मुख लज्जित होती।) -हेमचंद्र
@बालचंद्र विज्जवि भाषा/दुनु नहीं लग्यै दुजन भाषा (जिस तरह बाल चंद्रमा निर्दोष है उसी तरह विद्यापति की भाषा; दोनों का दुर्जन उपहास नहीं कर सकते) -विद्यापति
@षटभाषा पुराणं च कुराणंग कथित मया (मैंने अपनी रचना षटभाषा में की है और इसकी प्रेरणा पुराण व कुरान दोनों से ली है) -चंदरबरदाई
@'मैंने एक बूंद चखी है और पाया है कि घाटियों में खोया हुआ पक्षी अब तक महानदी के विस्तार से अपरिचित था' (संस्कृत साहित्य के संबंध में) -अमीर खुसरो
@पंडिअ सअल सत्य वक्खाणअ/देहहिं बुद्ध बसन्त न जाणअ। [पंडित सभी शास्त्रों का बखान करते हैं परन्तु देह में बसने वाले बुद्ध (ब्रह्म) को नहीं जानते।] -सरहपा
@जोइ जोइ पिण्डे सोई ब्रह्माण्डे (जो शरीर में है वही ब्रह्माण्ड में है) -गोरखनाथ
@गगन मंडल मैं ऊँधा कूबा, वहाँ अमृत का बासा/सगुरा होइ सु भरि-भरि पीवै, निगुरा जाइ पियासा -गोरखनाथ
@काहे को बियाहे परदेस सुन बाबुल मोरे (गीत) -अमीर खुसरो
@बड़ी कठिन है डगर पनघट की (कव्वाली)-अमीर खुसरो
@छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके (पूर्वी अवधी में रचित कव्वाली) -अमीर खुसरो
@एक थाल मोती से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा/चारो ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे (पहेली) -अमीर खुसरो
@नित मेरे घर आवत है रात गये फिर जावत है/फंसत अमावस गोरी के फंदा हे सखि साजन, ना सखि, चंदा (मुकरी/कहमुकरनी) -अमीर खुसरो
@खीर पकाई जतन से और चरखा दिया जलाय।
आया कुत्ता खा गया, तू बैठी ढोल बजाय। ला पानी पिला।
(ढकोसला) -अमीर खुसरो
@जेहाल मिसकीं मकुन तगाफुल दुराय नैना बनाय बतियाँ;/के ताब-ए-हिज्रा न दारम-ए-जां न लेहु काहे लगाय छतियाँ- प्रिय मेरे हाल से बेखबर मत रह, नजरों से दूर रहकर यूँ बातें न बनाओ कि मैं जुदाई को सहने की ताकत नहीं रखता, मुझे अपने सीने से लगा क्यों नहीं लेते (फारसी-हिन्दी मिश्रित गजल) -अमीर खुसरो
@गोरी सोवे सेज पर मुख पर डारे केस/चल खुसरो घर आपने रैन भई चहुँ देस (अपने गुरु निजामुद्दीन औलिया की मृत्यु पर) -अमीर खुसरो
[नोट : सूफी मत में आराध्य (भगवान, गुरु) को स्त्री तथा आराधक (भक्त, शिष्य) को पुरुष के तीर पर देखने की रचायत है।]
@खुसरो दरिया प्रेम का, उल्टी वाकी धार।
जो उबरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।। -अमीर खुसरो
@खुसरो पाती प्रेम की, बिरला बांचे कोय।
वेद कुरआन पोथी पढ़े, बिना प्रेम का होय।। -अमीर खुसरो
@खुसरो रैन सुहाग की जागी पी के संग।
तन मेरो मन पीव को दोऊ भय एक रंग।। -अमीर खुसरो
@तुर्क हिन्दुस्तानियम मन हिंदवी गोयम जवाब
(अर्थात मैं हिन्दुस्तानी तुर्क हूँ, हिन्दवी में जवाब देता हूँ।) -अमीर खुसरो
@''मैं हिन्दुस्तान की तूती ('तूती-ए-हिन्दुस्तान') हूँ। अगर तुम वास्तव में मुझसे जानना चाहते हो, तो हिंदवी में पूछो, मैं तुम्हें अनुपम बातें बता सकूँगा।'' -अमीर खुसरो
@न लफ्जे हिंदवीस्त अज फारसी कम
(अर्थात हिंदवी बोल फारसी से कम नहीं।) -अमीर खुसरो
@आध बदन ससि विहँसि देखावलि आध पिहिलि निज बाहू/कछु एक भाग बलाहक झाँपल किछुक गरासल राहू- नायिका ने अपना चेहरा हाथ से छिपा रखा है। कवि कहता है कि उसका चंद्रमुख आधा छिपा है और आधा दिख रहा है। ऐसा लगता है मानो चंद्रमा के एक भाग को बादल ने ढँक रखा है और आधा दिख रहा है ('पदावली' से) -विद्यापति
@'आध्यात्मिक रंग के चश्मे आजकल बहुत सस्ते हो गये हैं। उन्हें चढ़ाकर जैसे कुछ लोगों को 'गीत गोविन्द' (जयदेव) के पदों में आध्यात्मिकता दिखती है वैसे ही 'पदावली' (विद्यापति) के पदों में।' -रामचन्द्र शुक्ल
@प्राइव मुणि है वि भंतडी ते मणिअडा गणंति/अखइ निरामइ परम-पइ अज्जवि लउ न लहंति।- प्रायः मुनियों को भी भ्रांति हो जाती है, वे मनका गिनते है। अक्षय निरामय परम पद में आज भी लौ नहीं लगा पाते। -हेमचन्द्र (प्राकृत व्याकरण)
@पिय-संगमि कउ निददडी पिअहो परोक्खहो केम/मइँ विन्निवि विन्नासिया निदद न एम्ब न-तेम्ब-प्रिय के संगम में नींद कहाँ ? प्रिय के परोक्ष में (सामने न रहने पर) नींद कहाँ ? मैं दोनों प्रकार से नष्ट हुई ? नींद न यों, न त्यों। -हेमचन्द्र (प्राकृत व्याकरण)
@जो गुण गोवइ अप्पणा पयडा करइ परस्सु/तसु हउँ कलजुगि दुल्लहहो बलि किज्जऊँ सुअणस्सु।- जो अपना गुण छिपाए, दूसरे का प्रकट करे, कलियुग में दुर्लभ सुजन पर मैं बलि जाउँ। -हेमचन्द्र (प्राकृत व्याकरण)
@माधव हम परिनाम निरासा -विद्यापति
@कनक कदलि पर सिंह समारल ता पर मेरु समाने -विद्यापति
@जाहि मन पवन न संचरई
रवि ससि नहीं पवेस -सरहपा
@अवधू रहिया हाटे वाटे रूप विरष की छाया।
तजिवा काम क्रोध लोभ मोह संसार की माया।। -गोरखनाथ
@पुस्तक जल्हण हाथ दै चलि गज्जन नृप काज -चंदबरदाई
@मनहु कला सभसान कला सोलह सौ बन्निय -चंदरबरदाई
#आदिकालीन रचना एवं रचनाकार:-
#रचनाकार--- #रचना
स्वयंभू - पउम चरिउ, रिट्ठणेमि चरिउ (अरिष्टनेमि चरित)
सरहपा -दोहाकोष
शबरपा -चर्या पद
कण्हपा -कण्हपाद गीतिका, दोहा कोश
गोरखनाथ -(नाथ सबदी, पद, प्राण संकली, सिष्या दासन पथ के प्रवर्तक)
चंदरबरदाई - पृथ्वीराज रासो (शुक्ल के अनुसार-हिन्दी का प्रथम महाकाव्य)
शार्ङ्गधर- हम्मीर रासो
दलपति विजय- खुमाण रासो
जगनिक - परमाल रासो
नल्ह सिंह भाट- विजयपाल रासो
नरपति नाल्ह -बीसल देव रासो
अब्दुर रहमान - संदेश रासक
अज्ञात - मुंज रासो
देवसेन -श्रावकाचार
जिन दत्त सूरी -उपदेश रसायन रास
आसगु -चन्दनबाला रस
जिनधर्म सूरी -स्थूलिभद्र रास
शलिभद्र सूरी -भारतेश्वर बाहुबली रास
विजय सेन - रेवन्तगिरि रास
सुमतिगणि -नेमिनाथ रास
हेमचंद्र - सिद्ध हेमचन्द्र शब्दानुशासन
विद्यापति -पदावली (मैथली में) कीर्तिलता व कीर्तिपताका (अवहट्ट में) लिखनावली (संस्कृत में)
कल्लोल कवि - ढोला मारू रा दूहा
मधुकर *जयमयंक जस चंद्रिका
भट्ट केदार - जयचंद प्रकाश

गुरुवार, 5 जुलाई 2018

भाग 20

हिंदी साहित्य का आदिकाल

1-: हिन्दी साहित्य को लिखने का प्रथम प्रयास किसने किया ?
उत्तर-:  गार्सा द तासी ।

2-: हिन्दी साहित्य लिखने का श्रेय किसको जाता हैं ?

उत्तर -: फ्रेंच विद्वान सर जार्ज ग्रियसन को ।

3-: "मिश्र बंधू विनोद "  कब प्रकाशित हुआ ?

उत्तर -:  1913 ई. मे प्रकाशित हुआ ।

4-:  अकारादी क्रम मे हिन्दी साहित्य का इतिहास किसने लिखा ?

उत्तर -: 1- गार्सा द तासी
          2- शिव सिंह सैगर ।

5-: हिन्दी साहित्य का इतिहास लिखने मे कालानुक्रम पद्धति किसने अपनाई ?

उत्तर-: 1- जार्ज ग्रियसन
        2- मिश्र बंधू ।

6-: विधेयवादी पद्धति का जन्मदाता किसे माना जाता हैं ?

उत्तर-:  बैन को ।

7-: हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन मे विधेयवादी पद्धति का प्रयोग तथा दोहरा नामकरण करने का प्रयोग किसने किय ?

उत्तर-: आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

8-: आदिकाल मे चंपूकाव्य कृति हैं ?

उत्तर -: राउलवेल

9-: अपभ्रंस मे कृष्ण काव्य के प्रेणेता हैं ?

उत्तर-: विद्यापति ।

10-: "देशीनाममाला "के रचयिता कौन हैं ?

उत्तर-: हेमचंद्र ।

11-: खडी़ बोली का प्रथम कवि माना जाता हैं ?

उत्तर-: अमीर खुसरो ।

12-: शिवसिंह सेंगर के "शिवसिंह सरोज" को हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास नहीं मानने के पीछे क्या कारण हैं ?

उत्तर-: कवियों का विवरण अकारादी क्रम से होना ।

13-: गार्सा द तासी ने "रासो" की उत्पत्ति के संबंध में कौनसा मत दिया ?

उत्तर-: राजसूय संबंधि मत ।

14 -: रासो काव्य परंपरा मे "रासो"शब्द की व्यूत्पत्ति के संबंध मे "रसायण से संबंधीत"
मत किसने दिया ?

उत्तर -: आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

15-: "आल्हाखंड" के प्रकाशन कर्ता कौन हैं ?

उत्तर-: चालर्स इलियट ।

16-: आल्हाखण्ड का अन्य नाम क्या हैं ?
उत्तर-: परमाल रासो ।

17-: आदिकालीन साहित्य "करकंडचरिउ" एवं "वर्धमान चरिउ" के रचयिता कौन हैं ?

उत्तर-:  रईधू ।

18-: "जम्बूस्वामी रास " के प्रणेता कौन हैं ?

उत्तर -: धर्मसूरी ।

19-: अपभ्रंस शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम भाषा विशेष के अर्थ मे कसमें प्राप्त होता हैं ?

उत्तर-: प्राकृत लक्षणम् में ।

20-: "मिश्रबंधु विनोद" की रचना कितने भागों मे की गई हैं ?

उत्तर-: चार भागों में।

21-: "मिश्रबंधु विनोद" के प्रथम तीन भागों का प्रकाशन वर्ष क्या था ?

उत्तर-:  1913 ईस्वी.।

22-:  "मिश्रबंधु विनोद " में कितने कवियों का वर्णन 8 कालखंडो में विभक्त हैं ?

उत्तर -: लगभग पाँच हजार कवियों का वर्णन हैं ।

23-: शुक्ल कृत "हिन्दी साहित्य का इतिहास " सर्वप्रथम 1928 ई. में हिन्दी शब्द सागर की भूमिका में किस नाम से प्रकाशित हुआ था ?

उत्तर -: " हिन्दी साहित्य का विकास " नाम से प्रकाशित हुआ था ।

24-: आचार्य रामचंद्र शुक्ल
का सर्वोपरि ग्रंथ  "हिन्दी साहित्य का इतिहास" नामक ग्रंथ कब प्रकाशित हुआ था ?

उत्तर-: सन् 1929 ईस्वी में ।

25-:  "रीतिकाल के कवियों का परिचय लिखने में मैंने प्रायः उक्त ग्रंथ से ही विवरण लिए हैं । " आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने यहाँ किस ग्रंथ की ओर संकेत किया हैं ?

उत्तर -: "मिश्रबंधु विनोद " ग्रंथ की ओर संकेत किया हैं ।

26-: हिन्दी जगत के नाटककार एवं एकांकीकार रामकुमार वर्मा का सन् 1938 ई. में प्रकाशित  हिन्दी साहित्य का ग्रंथ कौनसा था ?

उत्तर-:  हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास ।

27-: रामकुमार वर्मा कृत "हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास" में किस कालावधि तक के कवियों का वर्णन हुआ हैं ?

उत्तर -:  693 ई. से 1693 ई. तक के कवियों का वर्णन हैं ।

28-: नागरी प्रचारिणी सभा , काशी द्वारा  हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की योजना में कितने खण्डों में विभाजन प्रस्तावित हैं ?

उत्तर -: 18 (अठारह ) खण्डों में ।

29-: नागरी प्रचारिणी सभा, काशी से प्रकाशित होने वाले ग्रंथ का नाम क्या हैं ?

उत्तर -:  "हिन्दी साहित्य का वृहत् इतिहास ।
(18 खंडो में विभाजित हैं।)

30-: तासी के अनन्तर 1848 ई. में  देहली कालेज द्वारा प्रकाशित हिन्दी साहित्य के इतिहास का ग्रंथ कौनसा था ?

उत्तर-: तबकातुशुअरा ।
(तजकिरा-ई-शुअरा-ई-हिन्दी)

31-: वह कौनसा ग्रंथ हैं , जिसमें अन्त:साक्ष्य का उल्लेख करते हुए 25 ग्रंथों की चर्चा की गई हैं ?

उत्तर-: रामकुमार वर्मा कृत
"हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास"  में ।

32 -: "चौरासी वैष्णवन की वार्ता " और "दौ सौ  बावन वैष्णवन की वार्ता " किसके द्वारा रचित हैं ?

उत्तर -: गोकूलनाथ के द्वारा रचित हैं ।

33-: अपभ्रंस का संबंध आभीरो और गुर्जरो से बतलाने वाले विद्वान हैं ?

उत्तर-:  कीथ ।

34-: अपभ्रंस साहित्य- सामग्री के सर्वप्रथम प्रस्तुतकर्ता हैं ?

उत्तर-:  जर्मन विद्वान पिशेल ।

भाग 19

वर्ष
रचना
साहित्यकार
2016
पारिजात (उपन्यास)
नासिरा शर्मा
2015
आग की हंसी (कविता-संग्रह)
रामदरश मिश्र
2014
विनायक (उपन्‍यास)
रमेशचन्‍द्र शाह
2013
मिलजुल मन (उपन्‍यास)
मृदुला गर्ग
2012
पत्थर फेंक रहा हूँ (कविता-संग्रह)
चंद्रकांत देवताले
2011
रेहन पर रग्घू (उपन्यास)
काशीनाथ सिंह
2010
मोहन दास (लघु उपन्यास)
उदय प्रकाश
2009
हवा में हस्ताक्षर (कविता-संग्रह)
कैलाश वाजपेयी
2008
कोहरे में कैद रंग (उपन्यास)
गोविन्द मिश्र
2007
इन्हीं हथियारों से (उपन्यास)
अमरकान्त
2006
संशयात्मा (कविता-संग्रह)
ज्ञानेन्द्रपति
2005
क्याप (उपन्यास)
मनोहर श्याम जोशी
2004
दुश्चक्र में स्रष्टा (कविता-संग्रह)
वीरेन डंगवाल
2003
कितने पाकिस्तान (उपन्यास)
कमलेश्वर
2002
दो पंक्तियों के बीच (कविता-संग्रह)
राजेश जोशी
2001
कलि–कथा : वाया बाइपास (उपन्यास)
अलका सरावगी
2000
हम जो देखते हैं (कविता-संग्रह)
मंगलेश डबराल
1999
दीवार में एक खिड़की रहती थी (उपन्यास)
विनोद कुमार शुक्ल
1998
नए इलाक़े में (कविता-संग्रह)
अरुण कमल
1997
अनुभव के आकाश में चाँद (कविता-संग्रह)
लीलाधर जगूड़ी
1996
मुझे चाँद चाहिए (उपन्यास)
सुरेन्द्र वर्मा
1995
कोई दूसरा नहीं (कविता-संग्रह)
कुँवर नारायण
1994
कहीं नहीं वहीं (कविता-संग्रह)
अशोक वाजपेयी
1993
अर्द्धनारीश्वर (उपन्यास)
विष्णु प्रभाकर
1992
ढाई घर (उपन्यास)
गिरिराज किशोर
1991
मैं वक़्त के हूँ सामने (कविता-संग्रह)
गिरिजाकुमार माथुर
1990
नीला चाँद (उपन्यास)
शिवप्रसाद सिंह
1989
अकाल में सारस (कविता-संग्रह)
केदारनाथ सिंह
1988
अरण्या (कविता-संग्रह)
नरेश मेहता
1987
मगध (कविता-संग्रह)
श्रीकांत वर्मा (मरणोपरांत)
1986
अपूर्वा (कविता-संग्रह)
केदारनाथ अग्रवाल
1985
कव्वे और काला पानी (कहानी–संग्रह)
निर्मल वर्मा
1984
लोग भूल गए हैं (कविता-संग्रह)
रघुवीर सहाय
1983
खूँटियों पर टँगे लोग (कविता-संग्रह)
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
1982
विकलांग श्रद्धा का दौर (व्यंग्य)
हरिशंकर परसाई
1981
ताप के ताये हुए दिन (कविता-संग्रह)
त्रिलोचन
1980
ज़िन्दगीनामा–जिन्दाय रुख़ (उपन्यास)
कृष्णा सोबती
1979
कल सुनना मुझे (कविता-संग्रह)
धूमिल (मरणोपरांत)
1978
उतना वह सूरज है (कविता-संग्रह)
भारत भूषण अग्रवाल
1977
चुका भी हूँ नहीं मैं (कविता-संग्रह)
शमशेर बहादुर सिंह
1976
मेरी तेरी उसकी बात (उपन्यास)
यशपाल
1975
तमस (उपन्यास)
भीष्म साहनी
1974
मिट्टी की बारात (कविता-संग्रह)
शिवमंगल सिंह ‘सुमन’
1973
आलोक पर्व (निबंध–संग्रह)
हज़ारीप्रसाद द्विवेदी
1972
बुनी हुई रस्सी (कविता-संग्रह)
भवानीप्रसाद मिश्र
1971
कविता के नए प्रतिमान (समालोचना)
नामवर सिंह
1970
निराला की साहित्य साधना (जीवनी)
रामविलास शर्मा
1969
रागदरबारी (उपन्यास)
श्रीलाल शुक्ल
1968
दो चट्टानें (कविता-संग्रह)
हरिवंश राय ‘बच्चन’
1967
अमृत और विष (उपन्यास)
अमृतलाल नागर
1966
मुक्तिबोध (उपन्यास)
जैनेन्द्र कुमार
1965
रस–सिद्धांत (काव्यशास्त्र)
नगेन्द्र
1964
आँगन के पार द्वार (कविता-संग्रह)
अज्ञेय
1963
प्रेमचंद : क़लम का सिपाही (जीवनी)
अमृत राय
1961
भूले बिसरे चित्र (उपन्यास)
भगवतीचरण वर्मा
1960
कला और बूढ़ा चाँद (कविता-संग्रह)
सुमित्रानंदन पंत
1959
संस्कृति के चार अध्याय (भारतीय संस्कृति का सर्वेक्षण)
रामधारी सिंह ‘दिनकर’
1958
मध्य एशिया का इतिहास (इतिहास)
राहुल सांकृत्यायन
1957
बुद्ध धर्म–दर्शन (दर्शन)
आचार्य नरेन्द्र देव (मरणोपरांत)
1956
पद्मावत : संजीवनी व्याख्या (टीका)
वासुदेवशरण अग्रवाल
1955
हिमतरंगिनी (कविता-संग्रह)
माखनलाल चतुर्वेदी
वर्ष 1962 में कोई पुरस्कार नहीं दिया गया।

टीका-टिप्पणी और संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ

बुधवार, 4 जुलाई 2018

प्रश्नोत्तरी भाग 18

प्रमुख वाद और उनके प्रवर्तक

1. अद्वैतवाद- शंकराचार्य

2. विशिष्टाद्वैतवाद- रामानुजाचार्य

3. द्वैतवाद - माधवाचार्य

4. द्वैताद्वैतवाद-आचार्य निम्बार्क

5. शुद्धताद्वैतवाद -बल्लभाचार्य

6. स्यादवाद- पाश्र्वनाथ

7. संघातवाद/क्षणिकवाद-बुद्ध

8. श्री सम्प्रदाय - रामानुज

9. सनक सम्प्रदाय-निम्बार्क

10. रूद्र सम्प्रदाय -विष्णु स्वामी

11. ब्रम्ह सम्प्रदाय -माध्वाचार्य

12. रामावत सम्प्रदाय-रामानंद

13. विश्नुर्इ सम्प्रदाय-जंभनाथ

14. उदासी सम्प्रदाय-श्रीचंद्र

15. राधाबल्लभ सम्प्रदाय -हितहरिवंश

16. हरिदासी (सखी) सम्प्रदाय-स्वामी हरिदास

17. गोडीय सम्प्रदाय-चैतन्य

18. भक्ति के प्रवर्तक -रामानुज

24. बिम्बवाद-टी.ए. हयूम

25. कैप्सूलवाद -ओंकार नाथ त्रिपाठी

26. मांसलवाद-रामेश्वर शुक्ल

27. छायावाद- जयशंकर प्रसाद

28. स्वछंदतावाद -श्रीधर पाठक

29. रीतिकाल- केशवदास

30. हालावाद- हरिवंश राय

31. प्रयोगवाद- अज्ञेय

32. अलंकर वाद -मम्मट

33. ध्वनिवाद -आनंदवर्धन

34. रीति- वामन

35. औचित्य- क्षेमेन्द्र

36. समानान्तर कहानी-कमलेश्वर

37. सचेतन कहानी-महीप सिंह

38. सहज कहानी -अमृत राय

39. सक्रिय कहानी -राकेश वत्स

40. पुषिटमार्ग- बल्लभाचार्य

41. नकेनवाद-नलिन विलोचन

42. वेदांतवाद-बादरायण

नोट:- त्रुटि हो तो अवगत कराये।

रविवार, 1 जुलाई 2018

हिंदी के प्रमुख समाचार पत्र भाग 17

क्र.             पत्र                                      संपादक
 1.          उद्दन्त मार्तण्ड                         जुगल किशोर
 2.          बंगदूत  -                             राजाराम मोहन राय
 3.          बनारस अखबार -               राजा शिव प्रसाद
 4.          समाचार सुधा वर्षण  -         श्याम सुन्दर सेन
 5.          प्रजा हितेषी -                   राजालक्षमण सिंह
 6.          कविवचन सुधा -              भारतेंदु हरिश्चंद
 7.          बाला बोधनी-                    भारतेंदु हरिश्चंद
 8.         हिंदी प्रदीप -                   बालकृष्ण भट्ट
 9.        भारतेंदु -                         राधाचरण गोस्वामी
 10.       इंदु -             अम्बिका दत्तव्यास

प्रश्नोत्तरी भाग 16

*तुलसीदास को हिंदी का धर्मध्वज किसने कहा है?-*
चतुरसेन शास्त्री

*नाथों की भाषा को फक्कडी भाषा किसने कहा है?*
चतुरसेन शास्त्री

*सिद्धों की भाषा को आलो आंधारी भाषा किसने कहा है?*
हरप्रसाद शास्त्री

*यह तो जगजाहिर है की रामानंद के बारह शिष्य थे*
*लेकिन किस आलोचक ने कहा की रामानंद के बारह नहीं  साढे बारह शिष्य थे?*
उतर::-----नागरी प्रचारणी पत्रिका में

*पृथ्वीराज रासो को हिंदी का वृहत् महाभारत किसने कहा है?*
उतर----दशरथ शर्मा

*कबीर को अवधी का प्रथम कवि किसने माना है*
उतर :----बाबूराम सक्सेना

*मिश्रबंधुओं ने हिंदी का सबसे उद्दण्ड कवि किसे माना है?*
उतर:::-----बेताल बंदीजन

*मिश्रबंधुओं ने किस रीतिमुक्त कवि को ओऊल नंबर का रसिया कहा है?*
उतर::---रसिक ठाकुर

*मिश्रबंधुओं ने अष्टछाप का नौवां कवि किसे माना है?*
उतर:---नागरीदास

*मिश्रबंधुओं ने पुर्वालंकृतकाल का सबसे बडा आचार्य किसे माना है?*
उत्तर:---चिंतामणि

*मिश्रबंधुओं ने उत्तरालंकृत काल का सबसे बडा.कवि किसे माना है?*
उतर:----भिखारीदास जी

*मिश्रबंधुओं ने पुर्वालंकृतकाल का सबसे बडा कवि किसे माना है?*
उतर:::------

*मिश्रबंधु विनोद को हिंदी साहित्य का पंचांग  किसने कहा है?*
उत्तर::---डॉ नामवर सिंह

*शिवसिंह सरोज किस भाषा मे लिखा गया है*
उत्तर::----हिंदी में

*गुरुग्रंथ साहब में कुल कितने संत कवियो के पद है?*
उतर:---17

*नंददास जडिया और कवि गढिया यह तो जगजाहिर है*
*लेकिन वो एक भक्त कवि कौन है जिसे 'जडिया और गढियां' भक्त कवि  कहा जाता है?*
उतर:::------तुलसीदास जी

*रीतिकाल का वह कवि जिसने खडी बोली हिंदी में सीतवसंत नामक (प्रबन्धरूप में)कहानी लिखी थी?*
उतर:::------चन्दन कवि

*रीतिकाल के किस कवि का उपनाम 'काष्ठ जिह्वा स्वामी' था?*
उतर::------देव बनारस वाले

*हिंदी का प्रथम जयकाव्य कौनसा है?*
उतर::-----खुमाण रासो

*मिश्रबंधुओं ने हिंदी का प्रथम नाटककार किसे माना है?*
उतर::------विद्यापति जी को

*मिश्रबंधुओ ने हिंदी का प्रथम इतिहास सहायक   किसे माना है*
*एवं किस ग्रंथ को प्रथम प्रथम इतिहास सहायक ग्रंथ माना है?*
उतर:::---------शिव सिंह सरोज

*कहा जाता है कि सेनापति ने अपने अंतिम समय मे क्षैत्रसन्न्यास ले लिया था*
*यहा क्षैत्र सन्न्यास का क्या मतलब है?*
उतर:::-------अपने निवास स्थान से बाहर न निकलन

विलोम शब्द

#हिंदी__विलोम__शब्द: (#अति_महत्वपूर्ण )  1.अग्र – पश्च 2. अज्ञ – विज्ञ 3. अमृत -विष 4. अथ – इति 5. अघोष – सघोष 6. अधम – उत्तम 7. अपकार – उपक...